मध्य प्रदेश के इंदौर की एक अदालत ने छह साल के बच्चे की गला घोंटकर हत्या करने के मामले में उसके पिता और उसकी सौतेली मां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अतिरिक्त सत्र न्यायालय के न्यायाधीश जितेंद्र सिंह कुशवाह ने 22 अक्टूबर को पारित आदेश में शशिपाल मुंडे (30) और उसकी पत्नी ममता उर्फ पायल (30) को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) और 109 (किसी व्यक्ति को अपराध करने के लिए उकसाना) के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई.
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अभियोजन अधिकारी ने बुधवार को एक न्यूज एजेंसी को बताया कि अदालत ने दोनों आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. मुंडे ने अपनी तीसरी पत्नी पायल के कहने पर 14 मई 2023 की रात शहर के तेजाजी नगर इलाके में अपने छह साल के बेटे प्रतीक की गला घोंटकर हत्या कर दी और इस घटना का वीडियो बनाकर पायल को भेजा.
मुंडे की पहली पत्नी और प्रतीक की मां की कुछ साल पहले मौत हो गई थी, जिसके बाद उसने दूसरी महिला से शादी कर ली. लेकिन वह उसे छोड़कर चली गई. इसके बाद मुंडे ने पायल (30) से शादी कर ली. लेकिन पहली पत्नी से पैदा हुआ प्रतीक उसकी आंखों में खटकता था. पायल ने अपने मायके में एक लड़के को जन्म दिया, लेकिन वह अपने ससुराल नहीं लौट रही थी. अधिकारी के अनुसार पायल ने अपने पति से कहा कि वह उसके घर तभी लौटेगी, जब वह प्रतीक को घर से निकाल देगा या उसे मार देगा.
अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मुंडे के मोबाइल फोन से चार मिनट 47 सेकंड का एक वीडियो भी बरामद किया है. जिसमें वह अपने बेटे प्रतीक की गला घोंटकर हत्या करते हुए दिखाई दे रहा है. जब पिछले सप्ताह अदालत ने सजा सुनाई थी, तब दंपति का नाबालिग बेटा अपनी मां पायल के साथ जेल में था.
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने कहा कि जिला प्रशासन को इस मासूम बच्चे के रहने और शिक्षा की उचित व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि उसे एक जिम्मेदार नागरिक बनाया जा सके और दोनों अपराधियों की "कुंठित मानसिकता की छाया" से दूर रखा जा सके और समाज की मुख्यधारा से भी जोड़ा जा सके.