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इंदौर हादसा: घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे CM शिवराज, गुस्साए लोगों ने जमकर की नारेबाजी

इंदौर के मंदिर की बावड़ी में हुए हादसे में अब तक 36 लोगों की मौत हो चुकी है. मुख्यमंत्री शिवराज विधायक आकाश विजयवर्गीय और अन्य नेताओं के साथ अस्पताल में हादसे में घायलों के परिवारों से मिलने पहुंचे. इस दौरान कुछ लोगों ने उनका विरोध शुरू कर दिया और नारेबाजी करने लगे.

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इंदौर में मंदिर की बावड़ी में हादसा हुआ (File Photo)
इंदौर में मंदिर की बावड़ी में हादसा हुआ (File Photo)

इंदौर में बावड़ी की छत ढ़हने की घटना से अब तक 36 लोगों की मौत हो चुकी है. कई लोग घायल हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है. घटना के बाद इंदौर नगर निगम कमिश्नर ने इलाके के बिल्डिंग ऑफिसर और बिल्डिंग इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है. इस मामले में सरकार की ओर से भी मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. इस सबके बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे. यहां घायलों के परिजनों ने उनका विरोध करते हुए नारेबाजी भी की.

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दरअसल, मुख्यमंत्री शिवराज विधायक आकाश विजयवर्गीय और अन्य नेताओं के साथ अस्पताल में हादसे में घायलों के परिवारों से मिलने पहुंचे. इस दौरान कुछ लोगों ने उनका विरोध शुरू कर दिया और नारेबाजी करने लगे. विरोध कर रहे लोगों ने कहा कि इंदौर नंबर वन है, लेकिन जब साधन व्यवस्था ही नहीं है तो कैसे नबंर वन है. लोगों ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि सेना को पहले ही बुला लिया होता तो लोगों की जान बच जाती. इस विरोध प्रदर्शन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. 

उधर, मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह जो घटना है, वह काफी दुखद है. इस घटना की न्यायिक जांच के निर्देश दे दिए गए हैं. साथ ही पूरे मध्यप्रदेश में अब इस तरह के जो भी खुले स्थान हैं, उनको लेकर भी सरकार ने निर्देश दिए हैं. कहा गया है कि अगर कोई भी बोरिंग खुला पाया जाता है और वह निजी जमीन पर होता है तो उसके मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. जल्द से जल्द इस मामले में जांच कर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. 

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पीड़ित परिवारों को मुआवजा देगी सरकार

बता दें कि घटना को लेकर सरकार ने मुआवजे का ऐलान किया था. जिसमें मृतकों के परिवार को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों को 50 हजार रुपये की मदद देने का ऐलान किया गया है. घायलों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी. इसके अलावा पीएम राष्ट्रीय राहत कोष से भी मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की मदद की घोषणा की गई है. 

15 दिनों में जांच करने के निर्देश

इंदौर कलेक्टर टी. इलैयाराजा ने इस मामले की जांच अपर कलेक्टर को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है. साथ ही 15 दिन में जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं. आदेश के तहत यह जानने का प्रयास रहेगा कि मृतकों की किन परिस्थितियों में मृत्यु हुई? घटना का घटनाक्रम क्या था? घटनाक्रम में क्या परिस्थितियां थीं? इसके लिए कौन जिम्मेदार है? भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए क्या किया जाए. इन्हीं बिंदुओं पर जांच की जाएगी और एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी.

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