इंदौर के राजबाड़ा इलाके में कुछ ट्रांसवुमन (ट्रांसजेंडर महिलाएं) के साथ मारपीट और बदसलूकी का मामला सामने आया है. पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस के अनुसार, 25 जनवरी को तीन ट्रांसवुमन (19 से 22 साल की उम्र की) बाजार में खरीदारी करने गई थीं. तभी कुछ लोगों ने उनकी पहचान पर सवाल उठाते हुए उनके साथ मारपीट शुरू कर दी.
आरोपियों ने न सिर्फ उनके कपड़े फाड़ने की कोशिश की बल्कि उनकी लंबी चोटी भी जबरन काट दी. आरोपियों का कहना था कि ये असली ट्रांसजेंडर नहीं हैं, बल्कि नकली हैं और महिलाओं की तरह कपड़े पहनकर घूम रही हैं.
जांच में जुटी पुलिस
एम.जी. रोड थाना पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपियों की पहचान की जा रही है. जिला ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड के सदस्य निकुंज ने बताया कि यह हमला उन्हीं ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों ने किया है, जो पारंपरिक रूप से भीख मांगकर जीवन यापन करते हैं.
ट्रांसजेंडर अधिकार कार्यकर्ता संध्या घावरी ने कहा कि अब समाज बदल चुका है. कई ट्रांसजेंडर युवा पढ़ाई कर नौकरी कर रहे हैं और आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं. कोई भी उन्हें जबरन पारंपरिक ट्रांसजेंडर समुदाय में रहने और भीख मांगने के लिए मजबूर नहीं कर सकता. राज्य के सामाजिक न्याय विभाग की संयुक्त निदेशक सुचिता तिर्के बैक ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और ट्रांसजेंडर समुदाय के गुरु (प्रमुख) से बातचीत की जाएगी. इस घटना ने फिर साबित कर दिया कि ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों और सम्मान के लिए समाज में और जागरूकता लाने की जरूरत है.