लालच इंसान को हैवान बना देता है. यही हैवान अपनों के खून तक का प्यासा हो जाता है. लालच में हैवानियत का ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सामने आया है. यहां एक शख्स ने संपत्ति के लालच में अपनी पत्नी के भाई की हत्या कर दी. हत्या को हादसा दिखाने के लिए साले की डेडबॉडी हाईवे पर ले गया और गाड़ी से टक्कर मारी.
दरअसल, 5 जनवरी को आगरा-झांसी हाईवे पर बेहटा के पास एक युवक का शव मिला था. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा मृतक के गले पर निशान और सिर में चोट थी. उसकी पहचान उपेंद्र यादव के रूप में हुई. जो कि भिंड जिले का रहने वाला था.
'प्लॉट दिखाने के बहाने बड़ा गांव इलाके में बुलाया'
पुलिस ने एफआईआर दर्ज करके पोस्टमार्टम करवाया. इसके बाद जांच शुरू तो मृतक के जीजा भूरे उर्फ संजय की गतिविधि संदिग्ध लगी. संदेह के आधार पर पुलिस ने उसको हिरासत में लिया और पूछताछ की. शुरुआत में संजय पुलिस को बरगलाता रहा.
मगर, सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया. उसने बताया कि अपने साथी चालीराजा और उमर के साथ मिलकर साले उपेंद्र को प्लॉट दिखाने के बहाने बड़ा गांव इलाके में बुलाया. यहां से गाड़ी में बैठाकर बेहटा इलाके में ले गया और रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी.
'हत्या को हादसा दिखाने के लिए लाश के साथ बर्बरता'
हत्या को हादसा दिखाने के लिए गाड़ी से लाश को टक्कर मारी थी. इसकी वजह से सिर में चोट आई थी. हत्या के पीछे की वजह पूछने पर उसने बताया कि उपेंद्र और संजय दोनों टेंट का व्यवसाय करते थे. उपेंद्र अक्सर संजय को गालियां देता था. इस बात से संजय खुन्नस रखने लगा.
इसके अलावा उपेंद्र के पिता की 15 साल पहले हत्या हो गई थी. उपेंद्र घर में इकलौता बेटा था. सारी संपत्ति उसके नाम थी. वो प्रॉपर्टी का काम भी करता था. उसकी प्रॉपर्टी के लालच में हत्या कर दी. पुलिस ने संजय और उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में एसपी ग्वालियर राजेश सिंह ने कहा कि आरोपियों को पकड़ लिया गया है. पूछताछ की जा रही है.