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ग्रेजुएशन के बाद नेताजी के बेटे को नौकरी नहीं मिली तो लगाई हीरा खदान, साल के आखिरी दिन चमक गई किस्मत

Panna diamond news: हीराधारक नेता पुत्र अजय सिंह यादव ने बताया कि वह ग्रेजुएशन करने के बाद नौकरी खोजने का प्रयास कर रहे थे. लेकिन सफल नहीं होने पर हीरा खदान में किस्मत आजमाने का विचार किया. 

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हीरे को दिखाते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष का बेटा.
हीरे को दिखाते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष का बेटा.

मध्यप्रदेश के पन्ना में नए साल के ठीक पहले साल 2024 के आखिरी दिन एक नेताजी को बेशकीमती हीरा मिल गया. 4.1 कैरेट के इस नायाब हीरे को नेता जी ने सपरिवार हीरा कार्यालय पहुंचकर जमा करा दिया दिया है. 

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दरअसल, पन्ना जिला पंचायत उपाध्यक्ष संतोष सिंह यादव ने खेत में अपने पुत्र अजय के नाम पट्टा बनवाकर हीरे की खदान लगाई थी. जहां उन्हें नायाब हीरा मिला. अब नेता जी ने अपने पुत्र अजय सिंह यादव और मित्रों के साथ पहुंचकर हीरे को प्रशासनिक कार्यालय पन्ना में जमा कर दिया है जो आगामी नीलामी में बोली के लिए रखा जाएगा.

हीराधारक नेता पुत्र अजय सिंह यादव ने बताया कि वह ग्रेजुएशन करने के बाद नौकरी खोजने का प्रयास कर रहा था. लेकिन सफल नहीं होने पर उसने हीरा खदान में किस्मत आजमाने का विचार किया. 

इसी विचार को अंजाम तक पहुंचाने के लिए ग्राम सरकोहा के लच्छी पाल की निजी भूमि में हीरा खदान खोदने का सोचा. इसके लिए हीरा कार्यालय पन्ना से पट्टा जारी करवा कर फरवरी 2024 में  खदान शुरू की. जहां 10 महीने की मेहनत के बाद सोमवती अमावस्या के दिन 4.1 कैरेट का नायाब हीरा मिला है.

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हीरा कार्यालय के लिपिक सुनील जाटव और खनिज निरीक्षक नूतन जैन की उपस्थिति में हीरे की परख की गई, जो कि 4.1 कैरेट उज्जवल किस्म का बताया गया है. इस हीरे की कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी जा रही है.

अजय सिंह यादव ने कहा है कि हीरा नीलामी से मिलने वाली रकम से वह कोई व्यवसाय शुरू करेंगे. युवक को हीरा मिलने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल बताया जा रहा है. वहीं, नेता जी के घर बधाइयों का तांता लगा हुआ है.

यह पहला मौका है कि जब नेताओं का रुझान प्रत्यक्ष रूप से हीरे के व्यापार की और बढ़ रहा है. वहीं, बेरोजगार युवकों को पन्ना के हीरे की खदानें अपनी और आकर्षित कर रही हैं. 

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