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धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में बजरंग सेना, सवाल उठाने वाला का जलाया पुतला

मध्य प्रदेश के खरगोन में बजरंग सेना ने अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के संस्थापक के विरोध में रैली निकालकर नारेबाजी की. इस दौरान बजरंग सेना ने श्याम मानव का पुतला भी जलाया. बजरंग सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि वे पं. धीरेंद्र शास्त्री का समर्थन कर रहे हैं. उन पर लगे आरोप सनातन पर सवालिया निशान हैं.

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बजरंग सेना ने जलाया श्याम मानव का पुतला.
बजरंग सेना ने जलाया श्याम मानव का पुतला.

मध्य-प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर में हिंदू संगठनों ने अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के श्याम मानव के विरोध में रैली निकालकर पुतला जलाया. इस दौरान विरोध करने वालों ने बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री का खुला समर्थन किया. बजरंग सेना के कार्यकर्ताओं ने नगर में रैली निकाली और अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति के श्याम मानव के विरोध में पुतला जलाया. 

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बता दें कि श्याम मानव ने पं. धीरेंद्र शास्त्री पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया था. इसी को लेकर पर्यटन स्थल महेश्वर में बजरंग सेना के पदाधिकारियों ने श्याम मानव का पुतला लेकर रैली निकाली. इसी के साथ जमकर नारेबाजी की. रैली शहर के प्रमुख मार्ग कालिदास मार्ग होते हुए जय स्तंभ चौराहा पहुंची, जहां श्याम मानव के खिलाफ नारे लगाए. श्याम मानव का पुतला फूंककर विरोध जताया.

बजरंग सेना के नगर अध्यक्ष बोले- धीरेंद्र शास्त्री पर लगे आरोप झूठे

बजरंग सेना के नगर अध्यक्ष बादल वर्मा का कहना है कि पं. धीरेंद्र शास्त्री पर झूठे आरोप लगाए गए हैं. सनातन धर्म पर अंगुली उठाई गई है. इसी को लेकर हमने विरोध प्रदर्शन किया है. नागपुर की समिति ने धीरेंद्र शास्त्री पर पाखंड का आरोप लगाया है.

उन्होंने कहा कि वामपंथी लोग सनातन धर्म को टारगेट करते हैं. बादल वर्मा ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान श्याम मानव का पुतला दहन किया है. उन्होंने कहा कि हमने आज पुतला दहन किया है, अगर जरूरत पड़ी तो रोड पर उतरेंगे. हम बागेश्वर सरकार के साथ हैं और हमेशा रहेंगे.

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बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेंद्र शास्त्री को चुनौती देने वाले अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के श्याम मानव को धमकी मिली थी. इसको लेकर नागपुर में उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. बताया जा रहा है कि अब उनके साथ SPU के 2 जवानों के अलावा दो गनमैन और 3 पुलिसकर्मी भी मौजूद रहेंगे. पहले सिर्फ 2 जवानों की तैनाती थी. 

क्या है महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति?

ये समिति 'अंधविश्वास' के खिलाफ काम करती है. इस समिति का गठन 1989 में हुआ था. इस समिति की स्थापना नरेंद्र दाभोलकर (Narendra Dabholkar) ने की थी. साल 2013 में दाभोलकर की हत्या कर दी गई थी. समिति के मुताबिक, वो लोगों को गुमराह करने वाले 'अंधविश्वासों' के खिलाफ काम करती है. समिति मुख्य रूप से महाराष्ट्र में एक्टिव है.

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