अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे देश में उल्लास का माहौल है. वहीं, मध्य प्रदेश के श्योपुर में राम भक्त एक किन्नर ने भी एक राम मंदिर बनवाया है, जिसमें राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा भी अयोध्या के साथ ही बड़ी धूमधाम के साथ संपन्न हुई है. इसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और शहर का माहौल राममय हो गया.
दरअसल, फक्कड़ चौराहा क्षेत्र में स्थित अपने आश्रम पर किन्नर कोमल ने स्वप्रेरणा से एक छोटा राम मंदिर बनवाया है. इसमें रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए शहर में विशाल शोभायात्रा निकाला गया. राम भक्ति के रंग में रमी भव्य शोभायात्रा मंदिर स्थल पर पहुंची, जहां श्योपुर में किन्नर समुदाय की गुरु गद्दी संभाल चुकी कोमल किन्नर ने मंदिर में भगवान राम परिवार की प्राण प्रतिष्ठा और स्थापना की.
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'अयोध्या में राम मंदिर बनेगा, तो मैं भी अपने यहां एक राम मंदिर बनवाऊं'
राम भक्त किन्नर कोमल का कहना है कि मेरी शुरू से इच्छा रही है कि अयोध्या में राम मंदिर बनेगा, तो मैं भी अपने यहां एक राम मंदिर बनवाऊं. जब 5 अगस्त 2020 में अयोध्या में राम मंदिर की नींव रखी गई, तभी मैंने अपने आश्रम में राम मंदिर की नींव रखी. इसके बाद धीरे-धीरे काम करवाया. क्योंकि यहां प्राण प्रतिष्ठा भी अयोध्या के साथ ही करनी थी.
'प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई और मेरा सपना साकार हुआ'
अयोध्या में रामलला विराजे, तो यहां भी राम मंदिर में राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई और मेरा सपना साकार हुआ. कोमल का यह भी कहना है कि भगवान श्री राम ने 14 वर्ष के वनवास से वापस लौटने पर किन्नरों को आशीर्वाद दिया था. उन्होंने कहा था कि किन्नर जिसे भी और जो भी आशीर्वाद देंगे वह जरूर पूरा होगा. वहीं, प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल लोगों का कहना है कि देश भर के साथ ही यहां भी आज राम आए है. यह पल अद्भुत और खुशी देने वाली है.
मकराना के लाल पत्थरों से बनाया गया राम मंदिर
बता दें कि किन्नर कोमल द्वारा बनाया गया राम मंदिर राजस्थान के मकराना के लाल पत्थरों से बनाया गया है. 4 फीट ऊंचे चबूतरे पर बनाए गए इस मंदिर का निर्माण दौसा और मथुरा के कारीगरों ने किया है. इसमें राजस्थानी शैली की आकर्षक नक्काशी और जालियां बनाई गई है. खास बात यह है कि इस मंदिर में विराजित हुई भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की प्रतिमाएं भी मकराना के संगमरमर से बने हैं.