कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) की जमीन को लेकर पालपुर की पूर्व रियासत (Former Princely State Of Palpur) के सदस्य श्रीगोपाल देव (ShriGopal Dev) ने याचिका दायर की थी. याचिका पर सोमवार को श्योपुर के विजयपुर कोर्ट में सुनवाई हुई.
पूर्व रियासत और प्रशासन के बीच चल रहे विवाद में कोर्ट ने जिला कलेक्टर को आगामी 29 सितंबर को जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं. याचिका में पूर्व रियासत ने नेशनल पार्क के लिए दी गई 220 बीघा जमीन वापिस मांगी है. देखें वीडियो:-
कूनो नेशनल पार्क के विस्तार के लिए पालपुर रियासत की अधिग्रहित की गई भूमि का मामला पहले ग्वालियर हाई कोर्ट में था. अब इस पर विजयपुर कोर्ट में सुनवाई हो रही है. रियासत के वंशज श्रीगोपाल देव सिंह के वकील ने 151 के तहत पेश की गई शिकायत पर कोर्ट ने श्योपुर कलेक्टर शिवम वर्मा को जवाब पेश करने के लिए कहा है.
पूर्व रियासत के सदस्य द्वारा दायर की गई अपील में कूनो मामले में प्रशासन के आला अधिकारियों पर नियमों को दरकिनार करके जमीन हथियाने का आरोप लगाया है.
यह है पूर्व रियासत के वंशज की अपील
पालपुर पूर्व रियासत के वंशव श्रीगोपाल देव ने न्यायालय में अपील की है. इसमें उन्होंने कहा, ''शासन ने उनकी 220 बीघा के करीब सिंचित जमीन के बदले महज 27 बीघा असिंचित जमीन दी है. यह जमीन भी ऊबड़-खाबड़ है, जिस पर खेती नहीं हो सकती.''
श्रीगोपाल देव के वकील ने यह भी दलील पेश की है कि उनकी जमीन के साथ उनके पूर्वजों के किले और कुएं, बावड़ी आदि का अधिग्रहण भी किया गया है. मगर, उसका मुआवजा नहीं दिया गया है. किले में पूर्व रियासत के देवी-देवताओं का मंदिर और स्थान है.
उनकी पूजा करने जाने पर भी पूर्व रियासत के सदस्यों को वन विभाग द्वारा रोका जाता है. इसलिए उन्हें सिंचित जमीन के बदले दूसरी सिंचित जमीन दी जाए. इसके साथ ही किला, कुएं, बावड़ी आदि का मुआवजा भी पूर्व रियासत को दिया जाए.
हमारी जमीन और हमीं को नहीं बुलाया
फरियादी पालपुर रियासत के परिवार के सदस्य श्रीगोपाल देव सिंह का कहना है कि कूनो में जमीन उन्होंने दी. मगर, चीता परियोजना के शुभारंभ पर आयोजित हुए कार्यक्रम में उन्हें बुलाया तक नहीं गया. उन्होंने बब्बर शेर को कूनो में लाने के लिए अपनी जमीन दी थी, लेकिन यहां चीता लाया गया है.