मध्य प्रदेश के शाजापुर के राम मंदिर की 37 बीघा जमीन पर माफिया ने कॉलोनी काट दी. 20 साल पहले शहर के भूमाफिया ने पटवारी से मिलकर प्लॉट काटकर रजिस्ट्री दूसरे सर्वें नंबर में कराई और कब्जा मंदिर की जमीन पर दे दिया. इस मामले में हिंदू धर्म जागरण ने शिकायत की तो मामला उजागर हुआ.
37 बीघा जमीन राम मंदिर की जमीन थी जो माफी औकाफ के नाम से सरकारी खसरो में दर्ज है. राम मंदिर की जमीन पर लगभग 200 मकानों के आलावा गार्डन और धर्मशाला बनी हुई है. तहसीलदार ने राम मंदिर की जमीन का सीमांकन कर दिया है. मंदिर की जमीन पर बने मकान मालिकों को हटाने के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं.
इस मामले को लेकर भूमाफिया हाईकोर्ट गए थे. मगर अदालत ने निचली अदालत में जाने के निर्देश दिए. बुधवार को शाजापुर प्रथम न्यायलय ने राम मंदिर से अवैध कब्जा हाटने के आदेश दिए. शाजापुर तहसीलदार ने 38 लोगों नोटिस जारी किया है.
क्या है मामला?
शाजापुर शहर के भूमाफिया ने 95 नंबर सर्वे की रजिस्ट्री खरीदारों को कर दी और कब्जा राम मंदिर की जमीन के सर्वे नंबर 79, 80, 86, 88, 90, 81, 89 पर दे दिया. लोगों ने मकान बना लिए. अब जनता के सामने सबसे बड़ी मुसीबत यह है कि जिस जमीन पर मकान बने, वो राम मंदिर की जमीन है. जबकि लोगों ने पैसे देकर जमीन खरीदी थी. मगर भूमाफिया ने रजिस्ट्री तो की दूसरी जमीन की और कब्जा दिया मंदिर की जमीन पर. सीमांकन कराने पर मंदिर की जमीन 37 बीघा निकली है.
हिंदू धर्म जागरण ने उठाया पूरा मामला
वहीं, प्रशासन भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है. वहीं, हिंदू धर्म जागरण के संयोजक अनूप किरकिरे ने पूरा मामला उजागर किया. उनका कहना है कि अगर राम मंदिर की जमीन से लोगों को नहीं हटाया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा.
200 घर, एक गार्डन और धर्मशाला बनी है
राम मंदिर की जमीन पर बसे चित्रांश नगर में लगभग 200 मकान बने हैं. शादी के लिए गार्डन है और धर्मशाला बनी हुई है. SDM नरेंद्र नाथ पांडे बोले कि राम मंदिर की जमीन से अवैध कब्जा हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं.