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चंबल के बीहड़ी गांव में तेंदुए का ऐसा खौफ, बच्चे खेलने नहीं निकल रहे और झुंड बनाकर सर्द रात में लोगों को देना पड़ रहा गश्त

Bhind News: तेंदुआ कभी खेतों में तो कभी गांव के आसपास नजर आ रहा है. एक ग्रामीण ने इस तेंदुए का दूर से फोटो भी अपने मोबाइल में खींच लिया है. रात के वक्त तेंदुआ जब गांव की तरफ प्रवेश करने का प्रयास करता है तो गांव के अंदर मौजूद कुत्ते भौंकने लगते हैं. 

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तेंदुए के खौफ से गांव में गश्त करते किसान.
तेंदुए के खौफ से गांव में गश्त करते किसान.

Bhind News: चंबल के बीहड़ हमेशा से ही डकैतों के लिए बदनाम रहे हैं. डकैतों के आतंक की वजह से बीहड़ी इलाकों के ग्रामीण हमेशा ही दहशत में रहे हैं. चंबल के बीहड़ों में अब डकैत तो नहीं रहे हैं लेकिन इसके बावजूद इन दोनों चंबल के बीहड़ी इलाके में बसे हुए एक गांव के लोग दहशत में है. इनकी दहशत की वजह कोई डकैती नहीं, बल्कि इस इलाके में घूमने वाला एक तेंदुआ है, जो पिछले कुछ दिनों से लगातार इलाके में घूम रहा है. 

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दरअसल, यह पूरा मामला भिंड जिले के अटेर इलाके के भगवासी गांव का है. भगवासी गांव के ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से उनके गांव के आसपास तेंदुआ देखा जा रहा है. यह तेंदुआ खेत खलिहानों में घूम रहा है. तेंदुआ मौका मिलते ही गांव के नजदीक भी आ जाता है. कुछ ग्रामीणों का इस तेंदुए से सामना भी हो चुका है. दहशत के मारे ग्रामीण अब काफी डरे हुए हैं. 

ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की चहलकदमी की वजह से उन्हें अपने मवेशियों समेत खुद की और अपने परिवार को सुरक्षा को लेकर काफी चिंता बढ़ गई है. हालात ऐसे हैं कि किसान खेतों में जाने से पहले झुंड बना लेते हैं और झुंड के साथ ही खेतों में पहुंचते हैं. अकेले खेतों की ओर जाने में ग्रामीण खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं.

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गांव में पहरा देते किसान.

तेंदुआ कभी खेतों में तो कभी गांव के आसपास नजर आ रहा है. एक ग्रामीण ने इस तेंदुए का दूर से फोटो भी अपने मोबाइल में खींच लिया है. रात के वक्त तेंदुआ जब गांव की तरफ प्रवेश करने का प्रयास करता है तो गांव के अंदर मौजूद कुत्ते भौंकने लगते हैं. 

इस बात से ग्रामीण अंदाजा लगा लेते हैं कि तेंदुआ गांव के आसपास ही है. अपने मवेशियों की सुरक्षा के लिए ग्रामीण रात में हाथों में डंडा लेकर झुंड बनाकर चौकीदारी कर रहे हैं. ग्रामीण इतने डरे हुए हैं कि वे बच्चों को भी अब घर से ज्यादा दूर खेलने नहीं जाने देते हैं. तेंदुआ ग्रामीणों की दहशत का कारण बन गया है. 

तेंदुए की जानकारी वन विभाग के अमले को भी दे दी गई है लेकिन अभी तक वन विभाग के अमले द्वारा इस तेंदुए को गांव से दूर भेजने के कोई प्रयास नहीं किए गए हैं. ऐसे में ग्रामीण तेंदुए की दहशत में जीने को मजबूर हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अगर वन विभाग के अमले ने जल्द ही इस तेंदुए को रिहायशी बस्ती से दूर भेजने का काम नहीं किया तो उनके लिए बड़ा संकट खड़ा हो सकता है. 

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