पिछले एक हफ्ते से मध्य प्रदेश के सियासी माहौल को गरमा देने वाले लोकायुक्त छापे के मुख्य आरोपी पूर्व आरटीओ कांस्टेबल सौरभ शर्मा कहां है? फ़िलहाल लोकायुक्त को अब तक इसकी ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है. अब सौरभ शर्मा के नाम समन जारी किया गया है.
लोकायुक्त डीजी जयदीप प्रसाद ने बताया कि मामले में सौरभ शर्मा, चेतन गौर के साथ-साथ शरद जायसवाल नाम के एक शख्स को आरोपी बनाया गया है, क्योंकि उसके नाम से भी कुछ संपत्तियों के दस्तावेज छापों में मिले हैं. अभी भी जानकारी नहीं कि सौरभ कहां है, इसलिए उसे सम्मन जारी किया गया है. सौरभ देश और विदेश में कहीं भी हो, उसे यहां लाया जाएगा.
हवाला एंगल से भी जांच
लोकायुक्त डीजी जयदीप प्रसाद ने बताया कि सौरभ शर्मा के हवाला नेटवर्क से जुड़े होने की संभावना के चलते इस पहलू पर भी जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक की विवेचना में हवाला नेटवर्क का कोई सबूत सामने नहीं आया है.
क्या डायरी में हैं कई रसूखदारों के नाम?
दरअसल, लोकायुक्त के छापे में कई तरह के दस्तावेज और डायरियां भी बरामद हुई हैं, जिसे लेकर भी कहा जा रहा है कि उसमें कई रसूखदारों के नाम शामिल हैं. हालांकि, अभी तक की जांच में सौरभ शर्मा का किसी राजनेता से सीधा कोई लिंक नहीं जुड़ा है.
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सूत्रों के मुताबिक, सौरभ के ठिकानों से मिली डायरियों में दिसंबर 2024 तक करीब 97 करोड़ के लेनदेन का रिकॉर्ड है, जिसकी जांच की जा रही है. फ़िलहाल सारे दस्तावेज और डायरी अभी सील हैं, लेकिन डीएसपी वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में डीजी लोकायुक्त ने तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है, जो इस केस की विवेचना करेगी.
टीम यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि करोड़ों के लेनदेन का रिकॉर्ड यदि डायरी में है तो यह रकम आई कहां से और यह रकम जाना किसके पास थी? फ़िलहाल जांच की दिशा इसी खुलासे पर निर्भर करती है.