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मध्य प्रदेश सरकार का धार्मिक स्थलों से तेज आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकर हटाने और खुले में मीट बेचने पर रोक लगने का आदेश जारी होते ही असर दिखने लगा है. ग्वालियर में शुक्रवार को जुमे की नमाज से पहले एक मस्जिद से लाउडस्पीकर उतर गया. इतना ही नहीं, एक मंदिर से भी लाउडस्पीकर को हटाया गया. वहीं, नगर निगम की टीम शहर के बाजार में मीट की दुकानों पर कार्रवाई करने के लिए भी पहुंच गई. इसी तरह से प्रदेश के शाजापुर और इंदौर में भी कार्रवाई की गई.
गुरुवार को ग्वालियर कलेक्टर कार्यालय में सभी धर्म गुरुओं की पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई थी. इस बैठक में पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने धर्म गुरुओं के साथ मिलकर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश का पालन करने में सहयोग करने की अपील की थी, जिसका असर शुक्रवार को देखने को मिला. यहां हस्तिनापुर इलाके के सिरसौद गांव में एसडीओपी संतोष पटेल और एसडीएम इसरार खान ने इलाके के मुस्लिम भाइयों के साथ समन्वय बनाया. जिसका असर जुमे की नमाज से पहले ही देखने को मिला.
जुमे की नमाज से पहले सिरसौद गांव में मुस्लिम भाइयों ने शासन के आदेश का सम्मान करते हुए मस्जिद से लाउडस्पीकर उतार लिए. मस्जिद के इमाम उजर अहमद ने गांव के बुजुर्ग शमशाद अली और पूर्व सरपंच आबिद अली के साथ मिलकर जुमे की नमाज से पहले मस्जिद के बाहर लगे चार लाउडस्पीकर को हटवाया. इसके बाद छारी मोहल्ले में स्थित शिव मंदिर पर लगे हुए लाउडस्पीकर को भी स्वेच्छा से उतार लिया गया.
इस मस्जिद और मंदिर के पास प्राथमिक स्कूल है जहां बच्चे पढ़ाई करते हैं. बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसी के मद्देनजर शासन के आदेश का पालन करते हुए मंदिर और मस्जिद से लाउडस्पीकर स्वेच्छा से हटाए गए. स्वेच्छा से लाउडस्पीकर हटाए जाने पर पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने शॉल और माला पहनाकर तालियों के साथ मुस्लिम वर्ग के लोगों का सम्मान किया.
इधर, नगर निगम की टीम ग्वालियर शहर के माधवगंज और चावड़ी बाजार इलाके में खुले में मीट बेचने वाली दुकानों पर कार्रवाई करने के लिए निकली. नगर निगम की टीम को देखकर कई दुकानदार अपनी दुकानों का शटर डालकर इधर-उधर हो गए. एक दुकान पर बहुत अधिक गंदगी मिलने पर उसे नोटिस देने की कार्रवाई नगर निगम के अमले द्वारा की गई.
नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर अनुज शर्मा ने बताया कि जिन दुकानदारों के पास लाइसेंस नहीं हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी और जो दुकानदार नियमों के तहत लाइसेंस लेकर अपनी दुकान संचालित कर रहे हैं उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी. शासन की तरफ से जारी आदेशों का पालन करवाया जाएगा. कुल मिलाकर ग्वालियर के पुलिस प्रशासन ने बता दिया है की शासन की ओर से जारी किए गए आदेश का ग्वालियर में हर हाल में पालन करवाया जाएगा.
शाजापुर में भी एक्शन
शाजापुर शहर में भी धार्मिक स्थलों से लाडस्पीकर हटाए गए. मध्य्प्रदेश के CM मोहन यादव के आदेश के बाद जिला प्रशासन एक्शन में आया और शहर के सभी धार्मिक स्थानों से लाउडस्पीकर हाटने की कार्रवाई शुरू की. शहर की चार बहन मस्जिद से ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले चिलम-चोगे हटाए गए. सुबह प्रशासन ने बैठक बुलाकर सभी धर्म गुरुओं को आदेश दिया था कि बिना अनुमति के लगे लाडस्पीकर को तुरंत हटाए जाएं. देखें Video:-
इंदौर में 50 दुकानों के खिलाफ एक्शन
सीएम मोहन यादव के निर्देशों के दूसरे दिन भी इंदौर में नगर निगम की कार्रवाई जारी रही. जहां पर नगर निगम की तरफ से कई मांस-अंडों की दुकानों पर स्पॉट फाइन की कार्रवाई की गई. मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के आदेश के बाद इंदौर नगर निगम लगातार खुले में मांस मटन और अंडे बेचने वाली दुकानों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है. पहले दिन नगर निगम ने 50 दुकानों पर कार्रवाई की.
कच्चा मांस बेचने वालों पर कार्रवाई
वहीं, दूसरे दिन भी निगम की कार्रवाई जारी रही. शुक्रवार को इंदौर के सबसे व्यस्त मुंबई बाजार में एक्शन लिया गया. निगम अधिकारियों ने कई मांस, अंडों के दुकानदारों को समझाइए देकर कच्चे मांस को कांच या जाली लगाकर बेचने की बात कही. इस दौरान खुले में कच्चा मांस बेचने वालों पर कार्रवाई करते हुए उनकी दुकान भी हटाई गईं. साथ ही ऐसे ढाबे जहां पर दुकानों के सामने ही खुले में मांस मटन रखा हुआ है, उन्हें भी दुकान के अंदर रखने की हिदायत दी गई.
बता दें कि 13 दिसंबर को भोपाल में डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में धार्मिक स्थल और अन्य स्थानों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों को अवैधानिक रूप से और निर्धारित मापदण्ड से अधिक बजाने पर प्रतिबंध लगाए जाने के संबंध में निर्णय लिया गया था. प्रदेश में धार्मिक स्थलों एवं अन्य स्थानों पर अवैधानिक रूप से और निर्धारित मापदंड का उल्लंघन करते हुए बजाए जाने वाले लाउडस्पीकरों अथवा डीजे आदि की जांच के लिए उड़न दस्तों का गठन, निरीक्षण एवं नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सक्षम प्राधिकारी की ओर से अभियोजन की कार्रवाई का निर्णय लिया गया था.