मध्य प्रदेश के हरदा जिले में पटाखा की एक फैक्ट्री से भीषण विस्फोट हुआ है. ये विस्फोट इतना भीषण था कि पूरा इलाका जलकर खाक हो गया है. इसमें 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 74 लोग झुलस गए हैं. इनमें 11 को रेफर कर दिया है. बाकी 63 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने आपात बैठक बुलाई है और अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए हैं.
प्रशासन का कहना है कि दोपहर 2.15 बजे मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है. जिला अस्पताल में 63 लोगों को उपचार चल रहा है. जबकि 11 लोगों को रेफर कर दिया है. इनमें 4 मरीज नर्मदापुरम भेजे गए हैं. 7 लोगों को भोपाल के एम्स भेजा गया है. पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे हुए हैं और आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें अलग-अलग जिलों से हरदा पहुंच रही हैं. इसके अलावा 50 एम्बुलेंस भी हरदा पहुंच गई हैं. वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गृह सचिव से पूरी घटना की रिपोर्ट मांगी है.
हालांकि इस घटना ने एक बार रिहायशी इलाकों में पटाखा फैक्ट्री स्थापित होने पर सवाल खड़े हो गए हैं. अभी भी वहां चिंताजनक स्थिति बनी हुई है. हरदा के आस-पास जितने भी जिले हैं, वहां से दमकल की गाड़ियों को रवाना किया गया है.
जानकारी के मुताबिक, बैरागढ़ इलाके में आसपास के घरों को भी बहुत नुकसान पहुंचा है. इस इलाके में छतों पर अवैध तरीकों से पटाखे बनाए जाते हैं. इसके अलावा बताया जा रहा है कि हादसे के समय 50-60 लोग मौजूद थे. अभी भी ऐसी आशंका है कि लोग वहां फंसे हुए हैं.
हरदा जिले के कलेक्टर ने बताया, "आज सुबह एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हो गया. बचाव अभियान चल रहा है. घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है और गंभीर रूप से घायल मरीजों को भोपाल और इंदौर शिफ्ट किया जा रहा है.''
मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख का मुआवजा: CM
वहीं आजतक से बात करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया है कि इन घायलों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी. अभी छह लोगों की मौत की जानकारी है. गंभीर रूप से घायल लोगों को इलाज के लिए भोपाल, इंदौर में भर्ती कराया गया है. मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. इसके अलावा उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च भी सरकार उठाएगी. दोबारा ऐसी कोई घटना न हो, इसको लेकर हमारी सरकार कठोर कार्रवाई करेगी.
नर्मदापुरम और बैतूल से राहत और बचाव सामग्री भेजी गई
हरदा में की इस घटना को देखते हुए नर्मदापुरम और बैतूल जिले से SDRF के जवान और राहत सामग्री भेजी गई है. नर्मदापुरम से तीन एम्बुलेंस और छह फायर ब्रिगेड रवाना हो चुकी हैं. इसके अलावा SDRF के 19 जवानों को भी राहत और बचाव सामग्री के साथ हरदा भेजा गया है, जिनमें फायर एक्सीम्यूसर, फायर एंट्री शूट, सर्च लाइट, स्ट्रेटर, हेलमेट, ब्रीथिंग अप्रेटस सेट शामिल हैं. वहीं बैतूल जिसे से भी हरदा के लिए SDRF के 15 जवान, होमगार्ड एक पीसी और एक वाहन फोर्स रवाना की गई है. इसके अलावा राहत और बचाव सामग्री भी भेजी गई है.
जानकारी के मुताबिक, हरदा के बैरागढ़ में पटाखा फैक्ट्री में ये विस्फोट हुआ है. कई लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका है, जिनका रेस्क्यू करने के लिए SDRF की टीम मौके पर पहुंच गई है और उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस भी पहुंच चुकी हैं. कई घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भी पहुंचाया जा चुका है.
इस घटना का सामने आया वीडियो बेहद डरावना है, जिसमें धमाके के बाद आग की ऊंची-ऊंची लपटें दिखाई दे रही हैं. इसके अलावा लोग इधर से इधर भागते हुए दिख रहे हैं.
मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों की कोशिश है कि किसी भी तरह के आग पर काबू पाया जाए, उसके बाद ही लोगों का रेस्क्यू हो पाएगा. आग की लपटों पर काबू पाने में देरी इसलिए हो रही है क्योंकि वहां पटाखे रखे हुए हैं, जिसकी वजह से आग लगातार भड़क रही है.
प्रशासन के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं. हालांकि इस फैक्ट्री के अंदर कितने लोग हैं, इसकी कोई जानकारी नहीं है. उनका कहना है कि पहली प्राथमिकता फैक्ट्री में आग से किसी भी तरह काबू पाना है.