मध्यप्रदेश के रीवा में एक शख्स ने खुद के ही किडनैप की साजिश रच डाली. जब लोगों के सामने उसकी इस हरकत की पोल खुली तो सभी स्तब्ध रह गए. दरअसल, शख्स ने बाइक की किस्त चुकाने के लिए ये पूरी योजना बनाई थी. उसने अपनी मां को खुद की किडनैपिंग का फोटो भेजकर डर दिखाया और फिरौती मांगी. युवक जब पुलिस के हत्थे चढ़ा तो उसने खुलासा किया कि उसके बाइक की किस्त बाकी थी और जेब खर्च के लिए रुपए नहीं थे. इसलिए वह मां से कुछ पैसे निकलवाना चाहता था.
शहर के जिउला में रहने वाली एक महिला ने 29 मार्च को समान थाना में अपने बेटे के किडनैप की शिकायत दर्ज कराई थी. महिला ने पुलिस को बताया कि 25 साल का उनका बेटा अमन विश्वकर्मा घर से अस्पताल के लिए निकला था. जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा. दूसरे दिन मोबाइल में कुछ फोटो आए जिसमें अमन बंधक बना हुआ था. उसके हाथ बंधे थे और पास में ही बंदूक रखी हुई थी. व्हाट्सएप में फोटो आने के बाद अमन का फोन आया, उसने अपने अपहरण की कहानी मां को सुनाई और उसको छोड़ने के बदले 2 लाख रुपए की फिरौती मांगी.
मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने मां बेटे की बातचीत का ऑडियो सुना. पुलिस को इनकी बातचीत संदिग्ध लगी तो वह युवक की तलाश में जुट गई. इसी बीच 1 अप्रैल को अपहृत युवक थाना क्षेत्र में नजर आया और पुलिस को देखते ही छिप गया. पुलिस समझ चुकी थी दाल में कुछ काला है. पुलिस ने युवक की घेराबंदी कर पकड़ लिया और थाने लेकर आई. पुलिस ने जब युवक से पूछताछ की तो सारा राज उजागर हो गया.
मालूम हुआ कि युवक ने अपहरण की झूठी कहानी बनाई थी. युवक ने बताया कि 3 साल से उसकी बाइक की किस्त बकाया थी,उसे जमा करना था. साथ ही जेब खर्च के लिए रुपए की जरूरत थी. ऐसे में उसने खुद के अपहरण का योजना बनाई. वह शहर से सोहागी स्थित अपने पुस्तैनी ददरी गांव चला गया. वहां जाकर जंगल में खुद को बंधक बनाकर अपनी फोटो मां को भेजी और परिजनों को फोन कर अपहरण की फर्जी खबर देकर 2 लाख रुपए फिरौती मांगी. सीएसपी शिवाली चतुर्वेदी ने बताया कि पूरी घटना के बाद युवक की तलाश के लिए अलग अलग 4 टीमें गठित की गई थी. युवक तालाब के पास घूमता देखा गया लेकिन जिसे ही उसने पुलिस को देखा भाग खड़ा हुआ. पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया. उसकी तलाशी लेने पर देशी पिस्टल बरामद हुई. उसने खुद के अपहरण की साजिश रची थी और फिरौती मांगी थी. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ कर रही है.