प्रयागराज महाकुंभ में अपनी झील-सी खूबसूरत आंखों की वजह से रातो-रात इंटरनेट सनसनी बनी मोनालिसा घोसले का दूसरा पहलू भी सामने आया है. आंखों का रंग अलग होने के कारण मोनालिसा के रूप सौंदर्य की प्रशंसा हो रही है, तो उनका गरीबी की कहानी भी सामने आई है.
दरअसल, 17 साल की मोनालिसा घोसले मध्य प्रदेश के खरगोन जिले स्थित पर्यटन नगर महेश्वर के वार्ड नंबर-9 की रहने वाली है. मोनालिसा का परिवार महेश्वर में कई वर्षों से निवास कर रहा है.
सोशल मीडिया पर बेहद पॉपुलर हो चुकी मोनालिसा के दादा लक्ष्मण घोसले ने aajtak को बताया, उन्हें करीब 20 साल पहले घर बनाने के लिए जमीन का पट्टा मिला था. उसी प्लॉट पर उन्होंने एक छोटा-सा कमरा, हॉल और किचन बनवा लिए थे. बाकी का हिस्सा कच्चा है. इसी में मोनालिसा का पूरा परिवार रहता है.
दादा लक्ष्मण ने बताया कि मोनालिसा की एक बहन और दो भाई हैं. मोनालिसा माता-पिता के साथ ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर सहित अन्य धार्मिक स्थलों और मेलों में माला बेचने जाती है. फिलहाल मोनालिसा माता-पिता के साथ माला बेचने महाकुंभ गई है.
मोनालिसा का परिवार वाराणसी और हरिद्वार से कच्चा माल लेकर आता है और महेश्वर में मालाएं बनाने का काम करता है. एक माला 20 रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक की होती है. इसमें रुद्राक्ष सहित अन्य मोतियों की मालाएं शामिल हैं.
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बता दें कि मोनालिसा प्रयागराज महाकुंभ में रुद्राक्ष और मालाएं बेच रही है और सोशल मीडिया पर उसके खूब फोटो-वीडियो वायरल हो रहे हैं. इस 'देसी गर्ल' के पास अब कंठी-माला खरीदने के लिए विदेशी ग्राहक भी आ रहे हैं, जबकि दिनभर मीडिया के कैमरे उनसे बात करते हैं. वह बहुत खुश हैं, ''कहती हैं मुझे तो भरोसा नहीं होता कि मुझे अब करोड़ों लोग जानते हैं. मैं सेलिब्रेटी बन गई हूं.''
हालांकि, मोनालिसा सोशल मीडिया में अत्यधिक वायरल होने से परेशान हो चुकी है और अब रुद्राक्ष मालाएं नहीं बेच पा रही है. मालाएं खरीदने से ज्यादा लोग मोनालिसा को देखने और उसके साथ सेल्फी लेने आ रहे हैं. परिवार का दावा है कि मोनालिसा जल्द ही खरगोन लौट आएगी.
(इनपुट:- उमेश रेवलिया)