केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने बुधवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी अनय द्विवेदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. कुलस्ते का कहना है कि द्विवेदी ने उनके बहनोई को जातिसूचक भाषा का प्रयोग कर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया है. हालांकि, देर रात बहनोई ने एक बयान में मंत्री के दावे का खंडन किया है. रिश्तेदार ने कहा कि द्विवेदी ने किसी भी आधिकारिक बैठक में उनके खिलाफ जातिवादी भाषा या टिप्पणी का इस्तेमाल नहीं किया है.
बता दें कि पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में केंद्रीय राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते के बहनोई अशोक धुर्वे कार्यरत हैं. उसी कंपनी में अनय द्विवेदी प्रबंध निदेशक हैं. इस संबंध में मंत्री कुलस्ते ने कहा, बिजली कंपनी के एमडी अनय द्विवेदी ने मेरे रिश्तेदार धुर्वे को परेशान करने के लिए सार्वजनिक रूप से जातिसूचक भाषा का इस्तेमाल किया है. इसलिए मैंने द्विवेदी के खिलाफ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से शिकायत की है.'
'सीएम ने कार्रवाई का भरोसा दिया'
कुलस्ते ने दावा किया कि यह घटना हाल ही में एक बैठक के दौरान हुई है. उन्होंने कहा, मैंने मुख्यमंत्री यादव से फोन पर बात की. मुझे आश्वासन दिया गया है कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, अभी द्विवेदी की तरफ से प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.
'रिश्तेदार ने मंत्री के बयान का खंडन किया'
हालांकि, धुर्वे ने रिश्तेदार मंत्री के बयान का खंडन किया है और कहा- प्रबंध निदेशक ने किसी भी आधिकारिक बैठक में उनके खिलाफ जातिसूचक शब्दों या टिप्पणियों का इस्तेमाल नहीं किया है. उन्होंने कहा, गलती करने पर या अच्छा प्रदर्शन नहीं करने पर उच्च अधिकारी का नाराज होना स्वाभाविक है. बैठक में भी यही हुआ. उन्होंने यह भी कहा कि बैठक के बारे में उनकी टिप्पणियों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया.
'विधानसभा चुनाव हार गए कुलस्ते'
बता दें कि कुलस्ते आदिवासी समाज से आते हैं और मंडला लोकसभा सीट से सांसद हैं. मोदी सरकार में कुलस्ते को दूसरी बार मंत्री बनाया गया है. केंद्र में वे ग्रामीण विकास और इस्पात राज्य मंत्री हैं. हाल ही में बीजेपी ने कुलस्ते को विधानसभा चुनाव में मंडला जिले की निवास सीट से उम्मीदवार बनाया था. हालांकि, वो 9723 वोटों से हार गए हैं. फग्गन 33 साल बाद विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाए गए थे. वे 6 बार लोकसभा और एक बार राज्यसभा सांसद रहे.