MP News: मऊगंज जिले में गड़रा कांड के बाद वीरान हो चुके गांव में एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. 20 दिनों से बंद एक घर में पिता, पुत्र और पुत्री की लटकती हुई लाश मिलने से सनसनी फैल गई. गांव में पिछले कई दिनों से धारा 163 लागू है और पुलिस कैंप लगाकर गांव की सुरक्षा में तैनात है. हैरान करने वाली बात यह है कि इस घटना की खबर किसी को नहीं हुई थी. पुलिस तनाव के चलते सुसाइड मान रही है.
शाहपुर थाना के गड़रा गांव में औसेरी साकेत के घर से लोगों को तेज बदबू आने लगी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर का नजारा देख सबके होश उड़ गए. पिता-पुत्र और पुत्री की लाश फांसी के फंदे पर झूल रही थी.
पुलिस के मुताबिक, शवों की स्थिति देखकर यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि मौत एक सप्ताह पहले ही हो चुकी थी. आईजी गौरव राजपूत ने बताया कि मृतकों की पहचान 55 वर्षीय औसेरी साकेत और उनके 8 वर्षीय बेटे अमन साकेत और पुत्री मीनाक्षी साकेत के रूप में हुई है.
औसेरी साकेत ने दो शादियां की थीं. कुछ महीने पहले एक पत्नी की मौत हो चुकी है. पत्नी की मौत के बाद से वह तनाव में रहता था. प्रथम दृष्टया तनाव के चलते सुसाइड का मामला समझ में आ रहा है.
घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर, एसपी और एएसपी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी. इस मामले में किसी षड्यंत्र की संभावना को देखते हुए फॉरेंसिंक टीम बारीकी से जांच कर रही है. गड़रा कांड के बाद से ही गांव के हालात बेहद खराब थे.
गांववालों का कहना है कि साकेत परिवार गड़रा कांड के बाद से ही सहमा हुआ था. पुलिस को शक है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि किसी गहरी साजिश का नतीजा हो सकता है. इस घटना के बाद अब गांव में और अधिक दहशत फैल गई है. कई परिवार गांव छोड़ने की तैयारी में हैं. जबकि पुलिस की टीम ने सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है.
बता दें कि 15 मार्च को गड़रा गाव में बवाल हुआ था जिसमें से सनी द्विवेदी नाम के युवक की आदिवासियों ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी. वहीं, ASI रामचरण गौतम के ऊपर भी हमला हुआ था जिसमें वे शहीद हो गए थे. जबकि 15 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे, तब से वहां धारा 163 लागू है और पुलिस कैंप लगाकर गांव की सुरक्षा में तैनात है. इसी बीच, हुई इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस घटना के कारणों का पता लगा रही है.