मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में बीते 22 दिन लापता माता चीता निर्वा को ढूंढ निकालने में कूनो प्रबंधन ने सफलता हासिल की है. 100 लोगों की 5 टीमें निर्वा की तलाश में जी जान से लगी हुई थी. 22 दिन बाद उनकी तलाश खत्म हुई और कूनो प्रशासन ने चैन की सांस ली है. बीते कुछ समय में कूनो में चीतों की लगातार हो रही मौत के कारण कूनो प्रशासन काफी परेशान चल रहा है. इसी बीच निर्वा के नहीं मिलने के कारण प्रशासन की हाथ-पैर फूल गए थे.
रविवार को टीम ने मादा चीता निर्वा को ढूंढ निकाला. इसके बाद वन अमले ने उसे ट्रेंकुलाइज किया. उसका हेल्थ अपडेट लिया. इसके बाद उसे बड़े वाले बाड़े में शिफ्ट कर दिया गया. शुरुआती जांच में निर्वा पूरी तरह से स्वस्थ है. प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी एवं वन्यजीव अभिरक्षक असीम श्रीवास्तव ने एक प्रेस नोट जारी कर यह जानकारी दी है.
दरअसल, साउथ अफ्रीकी मादा चीता निर्वा को रविवार की सुबह करीब 10 बजे कूनो पार्क के धोरट वनपरिक्षेत्र में देखा गया. जहां से उसे स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पकड़ा गया. निर्वा पिछले 21 जुलाई से लापता थी. निर्वा की कॉलर आईड़ी से सैटेलाइट के माध्यम से मिलने वाली लोकेशन प्राप्त होना बंद हो गई थी. 22 दिन से उसकी खोज की जा रही थी.
100 से ज्यादा कर्मचारियों वाली 5 टीमें लगी थी तलाशी में
मादा चीता निर्वा की तलाश में 100 से भी ज़्यादा संख्या में वन प्रबंधन स्टाफ, जिसमें अधिकारी, कर्मचारी, वन्यप्राणी चिकित्सक तथा चीता ट्रेकर सम्मिलित थे. दिन-रात पूरे संभावित क्षेत्र में निर्वा की खोजबीन में लगे हुए थे. क्षेत्र में पैदल सर्च पार्टियों के अलावा 2 ड्रोन टीमें,1 डॉग स्क्वाड और उपलब्ध हाथियों से निर्वा को ढूंढने का अभियान चलाया जा रहा था. प्रतिदिन लगभग 15-20 वर्ग किमी क्षेत्र में खोजबीन की. स्थानीय ग्रामीणों को निर्वा के संबंध में अवगत कराकर, उनसे प्राप्त होने वाली समस्त सूचनाओं का तत्काल परीक्षण एवं सत्यापन कराया जा रहा था.
शनिवार को मिली थी निर्वा की लोकेशन
इसी दौरान 12 अगस्त (शनिवार) की शाम निर्वा की लोकेशन सैटेलाइट के माध्यम से प्राप्त हुई थी. तुरंत ही सर्च टीमों को प्राप्त लोकेशन पर भेजा गया. दिन में भी सैटेलाइट के माध्यम से उसकी 12 अगस्त की ही अन्य लोकेशन भी प्राप्त हुईं. डॉग स्क्वाड और ड्रोन टीमों की सहायता से वेटेरियन की टीम द्वारा अंततः निर्वा को शाम के समय लोकेट कर लिया गया. मगर, निर्वा को कैप्चर नहीं कर सके क्योंकि वह स्वस्थ दिखाई पड़ी और बहुत तेजी में थी. अंधेरा घिरने के कारण उसे रविवार को पकड़ने का प्लान किया गया.
6 घंटे से ज्यादा चला रेस्क्यू ऑपरेशन
ड्रोन टीमों को रात भर निर्वा के लोकेशन पर निगाह रखने की ज़िम्मेदारी दी गई, जिसे टीमों ने बखूबी निभाया. ड्रोन टीमों द्वारा उपलब्ध कराई गई, लोकेशन की जानकारी के आधार पर रविवार का सुबह 4 बजे से ऑपरेशन प्रारंभ किया गया. लगभग 6 घंटे तक चले ऑपरेशन के पश्चात निर्वा को सफलतापूर्वक कैप्चर कर लिया गया. निर्वा पूरी तरह से स्वस्थ है और उसे स्वास्थ्य परीक्षण के लिए बाड़े में रखा गया.
6 वयस्क चीतों सहित 3 शावकों की मौत
बता दें कि, कूनों नेशनल पार्क में 6 वयस्क चीतों सहित 3 शावकों की मौत अब तक हो चुकी है. वर्तमान में अब सभी 14 चीते और एक मादा शावक पार्क के बड़े बाडे में रखे गए है. जिनमें 7 नर और 8 मादा चीते शामिल हैं. सभी को हेल्थ चेकअप के लिए बडे बाडे में शिफ्ट किया गया है. बड़े बाडे में रखे गए सभी चीतों की पल-पल कड़ी निगरानी की जा रही है.