एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान की 'लाड़ली बहन योजना' प्रदेश की महिलाओं को खासी रास आ रही है. साल के अंत में एमपी में विधानसभा चुनाव हैं, इसको लेकर सीएम शिवराज की इस योजना को मास्टर स्ट्रोक कहा जा रहा है. योजना को लेकर सीएम लगातार कार्यक्रम भी कर रहे हैं. सीएम बड़वानी भी पहुंचे थे. यहां पर एक कार्यक्रम में सीएम का अलग अंदाज देखने को मिला. शिवराज सिंह ने मंच पर खड़े होकर कार्यक्रम में आईं बहनों के लिए 'फूलो का तारों का सबका कहना है, सारी उम्र हमें संग रहा है' गाना गाया.
दरअसल, गुरुवार को सीएम शिवराज बड़वानी जिले के निवाली में लाड़ली बहना महा-सम्मेलन में शामिल हुए थे. कार्यक्रम में सैकड़ों महिलाएं पहुंची थीं. सीएम ने कार्यक्रम आए लोगों को संबोधित किया और लाड़ली बहना योजना का लाभ गिनाया. कुछ देर बाद सीएम शिवराज का जुदा रूप देखने को मिला. उन्होंने मंच के रैंप पर चलते हुए 'फूलों का तारों का सबका कहना है, सारी उम्र हमें संग रहना है, लाखों-हजारों में मेरी बहना हैं, इनकी जिंदगी में दुख रहीं रहने देना है ' गाना गाया. उन्होंने कहा कि 'लाड़ली बहना योजना' महिलाओं का जीवन बदलने वाली योजना है.
देखें वीडियो...
सीएम शिवराज के मंत्री की फिसली जुबान
कार्यक्रम के दौरान सीएम शिवराज का जुदा रूप देखने को मिला ही साथ ही एक गजब वाक्या भी हुआ. सीएम शिवराज के मंत्रिमंडल में शामिल पशुपालन मंत्री और बड़वानी विधायक प्रेम सिंह पटेल की जुबान फिसल गई. उन्होंने योजना के तहत महिलाओं को 10 हजार रुपये प्रतिमाह देने की बात कह दी. अब उनके इस बयान का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा.
यह भी पढ़ें... CM शिवराज ने बदला कांग्रेस सरकार का नियम, अब नवनियुक्त टीचर्स को मिलेगी इतनी सैलेरी
क्या है लाड़ली बहना योजना ?
लाड़ली बहना योजना के तहत मध्यप्रदेश की महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये मिलेंगे. सरकार का दावा है कि इस योजना से महिलाओं का सशक्तिकरण होगा. हालांकि, 2 करोड़ 60 लाख 23 हजार 733 महिला वोटर्स में केवल उन्हीं विवाहित महिलाओं को इस योजना का फायदा मिलेगा, जिनके परिवार की सालाना आमदनी ढाई लाख रुपये से कम है.
- जिनके परिवार की सम्मिलित रूप से वार्षिक आय 2.5 लाख से अधिक हो, जिनके परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता हो.
- जिनके परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार और राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग उपक्रम मंडल स्थानीय निकाय में नियमित, स्थाईकर्मी, संविदाकर्मी के रूप में नियोजित हो.
- जो स्वयं भारत सरकार और राज्य सरकार की किसी भी योजना के तहत प्रतिमाह 1000 रुपए या उससे अधिक की राशि प्राप्त कर रही है.
- जिनके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान और भूतपूर्व सांसद या विधायक हो.
- जिनके परिवार का कोई सदस्य भारत सरकार और राज्य सरकार के बोर्ड, निगम, मंडल, उपक्रम का अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या संचालक सदस्य हो.
- जिनके परिवार का कोई सदस्य स्थानीय निकायों में निर्वाचित जनप्रतिनिधि (पंच एवं उपसरपंच को छोड़कर) हो.
- जिनके परिवार के सदस्यों के पास संयुक्त रूप से कुल 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि हो. (यहां पर परिवार का अर्थ पति-पत्नी और आश्रित बच्चों से).
- जिनके परिवार के सदस्यों के नाम से रजिस्टर्ड चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर सहित) रहे हों.
( इनपुट - जैद अहमद )