मध्य प्रदेश के मंडला, बालाघाट और राजगढ़ जिलों में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान 'फिलिस्तीनी झंडे' लहराने के लिए अलग-अलग मामले दर्ज किए गए. पुलिस ने कुछ आरोपियों कुछ को गिरफ्तार भी किया है. उधर, पुलिस ने कहा कि राजगढ़ में फिलिस्तीन के समर्थन में नारे लगाने के आरोप की पुष्टि बिना सबूत के नहीं की जा सकती.
मंडला में एक युवक ने पैगंबर मोहम्मद की जयंती के अवसर पर ईद-ए-मिलाद-उन-नबी जुलूस के दौरान चिलमन स्क्वायर पर फिलिस्तीन का झंडा लहराया.
मंडला एसपी रजत सकलेचा ने कहा, फिलिस्तीन के झंडे जैसा झंडा लहराने की शिकायतों के आधार पर आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
मंडला कोतवाली पुलिस स्टेशन के प्रभारी शफीक खान ने कहा कि आरोपी की पहचान फरदीन के रूप में हुई है और अन्य को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 197 (2) के तहत गिरफ्तार किया गया है.
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि बालाघाट शहर में पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई गई है कि एक व्यक्ति और उसके साथियों ने ईद-ए-मिलाद जुलूस के दौरान महावीर चौक पर फिलिस्तीन का झंडा लहराया.
शिकायतकर्ता ने कहा कि इस कृत्य से भारतीयों की भावनाओं को ठेस पहुंची है और इससे समाज में वैमनस्य पैदा हो सकता है. विज्ञप्ति के अनुसार पुलिस ने शाकिब नामक व्यक्ति और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ बीएनएस धारा 197 (2) के तहत मामला दर्ज किया है. दोनों घटनाओं में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
वहीं, राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा ने ईद-ए-मिलाद-उन-नबी जुलूस के दौरान फिलिस्तीन के समर्थन में नारे लगाने के खिलाफ शिकायत मिलने की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच की, लेकिन कोई सबूत नहीं मिला. उन्होंने कहा कि आगे की जांच जारी है.