मध्य प्रदेश के वन विभाग ने इस बार कमाल कर दिखाया है. अपनी स्मार्ट नीतियों, डिजिटल सिस्टम और पारदर्शी नीलामी की बदौलत विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1600 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व कमाकर नया रिकॉर्ड बना दिया है. यह अब तक की सबसे बड़ी कमाई है, जो पिछले साल यानी 2023-24 के 1425 करोड़ रुपये से 200 करोड़ रुपए ज्यादा है. इससे पहले 2022-23 में 1400 करोड़ और 2021-22 में 1444 करोड़ रुपए की कमाई हुई थी.
दरअसल, इस बार वन विभाग की कमाई में सबसे बड़ा हाथ टिम्बर यानी इमारती लकड़ी की बिक्री का रहा. टिम्बर से 850 करोड़ रुपए की मोटी रकम विभाग के खाते में आई. नीलामी को पारदर्शी बनाने और बाजार में बढ़ती मांग के चलते टिम्बर की बिक्री जोरों पर रही. इसके अलावा जंगल के अन्य उत्पादों और पर्यावरण से जुड़े शुल्क ने भी खजाने को भरने में मदद की.
डिजिटल सिस्टम का कमाल
वन विभाग ने राजस्व जुटाने के लिए डिजिटल तरीकों का सहारा लिया, जिसका नतीजा शानदार रहा. ऑनलाइन चालान से 1528 करोड़ रुपए और ट्रांसफर चालान से 763 करोड़ रुपए की कमाई हुई. इस पारदर्शी और आसान प्रक्रिया ने न सिर्फ राजस्व बढ़ाया, बल्कि लोगों का भरोसा भी जीता.
वन विभाग की इस बंपर कमाई ने साबित कर दिया कि सही नीति और तकनीक के दम पर बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं. अब विभाग इस रफ्तार को बनाए रखने की तैयारी में जुट गया है.