MP Panchayat Election: मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव का पहला चरण संपन्न हो चुका है. इसी के तहत प्रदेश के के हरदा जिले की ग्राम पंचायत पानतलाई की एक महिला प्रत्याशी ने 344 वोटों से जीत हासिल की. इसका जश्न मनाया गया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद वह मौत हो हार गई. इस मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं.
मध्यप्रदेश के हरदा जिले के टिमरनी विकासखंड की ग्राम पंचायत पानतलाई की सरपंच प्रत्याशी रुकमणी बाई जीत के बाद मौत से हार गईं. बताया गया कि सरपंच चुनाव में प्रतिद्व़ंद्वी जयंती बाई को हराकर वह सरपंच बनीं, लेकिन सुबह बिस्तर से नहीं उठ पाईं. परिवार के लोगों ने हृदयगति रुकने से निधन होना बताया है. रुकमणि बाई ने एक दिन पहले यानि शनिवार शाम को ही सरपंच पद पर 344 वोटों से जीत हासिल की थी.
इस बारे में हरदा के कलेक्टर ऋषि गर्ग का कहना है कि उन्हें सूचना मिली कि पानतलाई ग्राम पंचायत की में जीतने वाली सरपंच रुकमणी बाई का निधन हो गया है. इसके लिए उन्होने संबंधित एसडीएम और थाना प्रभारी को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं. पानतलाई निवासी नवनिर्वाचित सरपंच के बेटे राजेश ने बताया कि गांव के सभी लोगों के सहयोग से उनकी मां रुकमणी बाई को सरपंच पद के लिए खड़ा किया था, जिसमें उन्हें जीत हासिल हुई. रात को इसका जश्न भी मनाया गया. भोजन करके उनकी मां सोई थीं, लेकिन सुबह वह नहीं उठीं. राजेश ने बताया कि उनकी मां को बीपी और गैस की समस्या रहती थी.
पानतलाई सरपंच पद इस बार अनिसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है, इसलिए इसी वर्ग की रुकमणी बाई ग्रामीणों की सहमति से मैदान में उतरी थीं. उनके बेटे के अनुसार, उनकी मां और वह मजदूरी कर जीवन यापन करते रहे. मां सरपंच पद पर जीत गई थीं तो पूरे परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन अचानक मौत से पूरा परिवार सदमे में है. मृतका के दो बेटे राजेश और मुकेश एवं एक बेटी है. पति का पहले ही निधन हो चुका है.