लोकगायिका नेहा सिंह राठौर ने यूपी के बाद अब मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अपने चिरपरिचत अंदाज़ में 'एमपी में का बा' गाने से शिवराज सरकार पर सवाल उठाए हैं. सीधी पेशाबकांड को आधार बनाते हुए नेहा सिंह राठौर ने नया गाना बनाया है. इसके अलावा अपने गाने के जरिए नेहा सिंह राठौर ने महाकाल लोक घोटाला, पटवारी भर्ती घोटाला, व्यपामं घोटाले पर शिवराज सिंह चौहान को घेरा है.
नेहा सिंह राठौर ने अपने 'एमपी में का बा' गाने में शिवराज सिंह चौहान की लाड़ली बहना योजना पर भी निशाना साधा है. नेहा ने कहा है कि लाड़ली बहना को रोजगार दो-एक हज़ार रूपए नहीं है. गाने के अंत में नेहा सिंह राठौर ने विवादित पंक्तियां गाते हुए शिवराज सिंह चौहान की तुलना कंस और शकुनि से की है और उन्हें कलयुग का मामा बताया है.
MP में का बा..! #nehasinghrathore #viralvideo #video #viral #bhojpuri #viralshorts #viralshort #view #Indore #MadhyaPradesh pic.twitter.com/BFBdo82fRP
— Neha Singh Rathore (@nehafolksinger) July 13, 2023
पेशाबकांड पर विवादित ट्वीट के चलते नेहा पर एफआईआर
आपको बता दें की सीधी पेशाब कांड पर विवादित ट्वीट करने के बाद नेहा सिंह राठौर के खिलाफ भोपाल समेत एमपी के कई शहरों में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. सीधी पेशाबकांड को लेकर नेहा सिंह ने एक ट्वीट किया था, जिसमें पेशाब करता हुआ व्यक्ति RSS जैसी ड्रेस पहने नजर आ रहा है.
तस्वीर ट्वीट करने के साथ ही नेहा सिंह ने लिखा था 'MP में का बा...? Coming Soon.' ट्विटर पर इस पोस्ट को लेकर कुछ लोगों ने आलोचना शुरू कर दी थी. इसके बाद भोपाल के हबीबगंज थाने में सूरज खरे नाम के शख्स ने शिकायत की थी. इस शिकायत के आधार पर धारा 153(A) के तहत लोक गायिका नेहा सिंह राठौर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई. बता दें कि नेहा सिंह राठौर 'यूपी में का बा' गीत को लेकर चर्चा में आ चुकी हैं.
यह है सीधी कांड
बता दें कि, मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक वीडियो सामने आया था. वीडियो में एक युवक पर प्रवेश शुक्ला नाम का आरोपी पेशाब करता दिखाई दे रहा था. इस मामले की जब पड़ताल की गई तो पता चला कि पेशाब करने वाला युवक बीजेपी नेता है. वह बीजेपी विधायक केदार शुक्ला का प्रतिनिधि प्रवेश शुक्ला है. हालांकि, बीजेपी विधायक ने खुद प्रवेश से पल्ला झाड़ लिया. करीब एक हफ्ते पुराने इस वीडियो के सामने आने के बाद केस दर्ज कर लिया गया. आरोपी के खिलाफ धारा 294, 506 भारतीय दंड विधान 71 एससी एसटी एक्ट के तहत साथ ही एनएसए की कार्रवाई भी की गई.