मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में एक मंदिर परिसर में गोवंश के कटे हुए पार्ट्स फेंकने के चार आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया गया है. इन आरोपियों के घरों के अवैध हिस्सों पर प्रशासन पहले ही बुलडोजर चला चुका है. इस घटना के बाद कुछ हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था और शहर बंद करने का आह्वान किया था.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मोटरसाइकिल सवार दो व्यक्तियों ने कथित तौर पर शुक्रवार तड़के मंदिर परिसर में गोवंश के शरीर के अंग फेंक दिए, जिससे रतलाम जिले में स्थित जावरा शहर में तनाव पैदा हो गया.
डीआईजी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और अन्य अपराधों के लिए भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत चार लोगों को बाद में गिरफ्तार किया गया था.
चारों आरोपियों के खिलाफ लगा NSA
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) राकेश खाखा ने शनिवार को बताया कि चार आरोपियों के खिलाफ एनएसए के प्रावधान लागू किए गए हैं, जिनकी पहचान सलमान मेवाती (24), शाकिर कुरेशी (19) नोशाद कुरेशी (40) और शाहरुख सत्तार (25) के रूप में की गई है.
उन्होंने कहा, "मेवाती और कुरेशी को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था जबकि नोशाद और सत्तार को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया. नोशाद के खिलाफ 20 मामले हैं और उसे एक बार जिले से बाहर भी किया जा चुका है."
ASP ने बताया कि क्षेत्र की शांति और सद्भाव को बाधित करने का प्रयास किया गया था. हालांकि समय पर किए गए उपायों से किसी भी तरह की घटना को फैलने से रोका गया. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पुलिस और प्रशासन से सख्त कार्रवाई करने को कहा था.
किसने दर्ज कराई थी शिकायत?
इस मामले में गौरव पुरी गोस्वामी नाम के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी. घटना के बाद शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. जावरा के शहर काजी हाफिज भूरू ने पत्र के जरिए लोगों से शहर में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की थी.