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रायसेन में फिर नजर आया बाघ, 3 महीने पहले रेस्क्यू हुआ था आदमखोर

13 जून को जहां 27 से 30 लाख रुपये खर्च करने के बाद आदमखोर बाघ को पकड़ा गया था. वहीं फिर से तीन माह बाद रायसेन के चिकलोद रोड वरूखार के पास सड़क पार करता हुआ बाग दिखाई दिया. अक्सर इस क्षेत्र में बाघ का रहता है मूवमेंट होता रहता है.

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रायसेन में दिखा बाघ
रायसेन में दिखा बाघ

रायसेन जिले के चिकलोद रोड वरूखार के पास रविवार रात को एक बाघ दिखाई दिया.उस रोड से गुजर रहे राहगीर ने बाघ का वीडियो बना लिया.  वीडियो में बाघ रोड क्रॉस करता दिखाई दे रहा है. कुछ दिनों पहले भी इसी रोड पर लोगों को बाघ दिखाई दिया था. इसकी सूचना लोगों ने वन विभाग को दी गई थी.

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इस इलाके में अक्सर बाघ देखे जाने का मामला सामने आता रहता है. हालांकि, आदमखोर बाघ के पकड़े जाने के बाद से अबतक बाघ के हमले या किसी को नुकसान पहुंचाने का कोई मामला सामने नहीं आया है. फिर भी लोग बाघ देखे जाने की खबर से एक बार जरूर सहम जाते हैं. 

 

 वन विभाग के अनुसार यह मादा बाघ है, जो अपने तीन बच्चों के साथ पूर्व रेंज महादेव पानी सहित आसपास के क्षेत्र में दिखाई देती है. हालांकि, मादा बाघ द्वारा अभी तक किसी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है. गौरतलब है कि 13 जून को आदमखोर बाघ का रेस्क्यू किया गया था. इसमें 27-30 लाख खर्च आया था.एनजीओ ने विभाग को अधुनिक कैमरे व अन्य तकनीकी मदद प्रदान की थी.  

20 दिन बाघ की निगरानी करने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कान्हा, पन्ना नेशनल पार्क व वन विहार भोपाल की 40 सदस्यीय टीम बाघ को रेस्क्यू करने रायसेन पहुंची थी. इस टीम के साथ वन विभाग के करीब 100 कर्मचारी मिलाकर करीब 140 सदस्यीय टीम 10 दिन से बाघ को पकड़ने में जु़टी थी. रायसने डीएफओ के अनुसार इस पूरे रेस्क्यू आपरेशन में करीब 27 से 30 लाख रुपए खर्च हो गए थे.

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