मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि अक्सर बारिश के समय में प्रमुख सड़कों और राजमार्गों पर गौ माता के बैठे रहने की घटनाएं सामने आती हैं. गौ माता दुर्घटनाओं का शिकार भी हो जाती हैं. ऐसी व्यवस्था आवश्यक है कि गौ माता सड़कों पर न दिखें, इसके लिए गौशालाओं के लिए राशि और मानदेय वृद्धि का निर्णय लिया जाएगा. श्रेष्ठ प्रबंधन से गौ माता के सम्मान में व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी. यदि गौ माता मृत्यु का शिकार होती है तो उनके सम्मानजनक दाह संस्कार की व्यवस्था की जाए. साथ ही गौ माता के अवशेष कहीं अपमानित न हों, इसके लिए समाधि अथवा अन्य व्यवस्थाओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा.
सोमवार को हुई मीटिंग में मंत्री परिषद के सदस्यों ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा का हर्ष ध्वनि के साथ मेज थपथपाकर स्वागत किया. कहा कि सामाजिक संस्थाओं का सहयोग भी इस कार्य में लिया जाए. मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पशु पालन एवं डेयरी विभाग को इस संबंध में आवश्यक तैयारी के निर्देश दिए.
पशु पालन मंत्री लखन पटेल ने कहा कि वे शीघ्र ही गौशाला संचालकों को बैठक में आमंत्रित कर सुझाव प्राप्त करेंगे. मुख्यमंत्री ने इसी माह यह बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि नगरों के महापौर और अन्य जनप्रतिनिधि भी इस बैठक में शामिल किए जाएं. बैठक में गौ शालाओं के बेहतर संचालक, गौ पालकों द्वारा भी गौ माता के स्वतंत्र विचरण पर अंकुश, पुलिस द्वारा सहयोग प्राप्त करने और केंद्र सरकार से इस संबंध में अधो संरचनात्मक कार्यों के लिए राशि प्राप्त करने पर भी चर्चा हुई.
PM मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया
मंत्री परिषद की बैठक शुरू होने के पहले विशेष चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंत्री परिषद की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अयोध्या में भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा के महत्वपूर्ण कार्य के लिए आभार व्यक्त किया.
मंत्री परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ ही भगवान श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का यह महती कार्य है. इस नाते ट्रस्ट भी बधाई का पात्र है. स्वतंत्रता के पश्चात यह ऐसा बड़ा प्रथम घटनाक्रम है जिसमें सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण फैसले के क्रियान्वयन में सभी धर्म के प्रतिनिधियों की सहमति और सामाजिक सद्भाव का एक बड़ा उदाहरण हमारे सामने आया है. मध्य प्रदेश मंत्री परिषद सामूहिक रूप से प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त करती है. यह कार्य इस बात का भी उदाहरण है कि हमारी न्याय व्यवस्था का सम्मान करते हुए प्रबल इच्छा शक्ति का क्रियान्वयन सामने आया है.