मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पचमढ़ी में 'एमपीटी अमलतास' प्रदेश का पहला सरकारी होटल बना है, जिसका संचालन सिर्फ महिलाएं ही करेंगी. होटल के संचालन के लिए 23 स्थानीय महिलाओं को ट्रेनिंग दी गई है. इनमें मैनेजर से लेकर शेफ, किचन स्टाफ, रिसेप्शनिस्ट, हाउसकीपर और माली व सुरक्षा गार्ड तक शामिल हैं.
सूबे के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि होटल अमलतास का संचालन सिर्फ महिलाओं द्वारा किया जाना मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है. यह प्रयास महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में हमारे संकल्प को प्रदर्शित करता है. इस पहल से अन्य राज्य भी प्रेरणा लेंगे.
CM यादव ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति महिला प्रधान संस्कृति है. हमारे नक्षत्र मंडल और सौर मंडल में भी माता को प्रधानता दी गई हैं. सभी ग्रह पुरुष प्रधान है लेकिन वसुंधरा यानि धरती माता प्रधान है. हम धरती को मां मानकर प्रणाम करते है और आशीर्वाद लेते है. वैसे ही समाज में भी परिवार की धूरी हमारी माता और बहनें हैं. विश्व में 200 से अधिक देश हैं, लेकिन भारत को मां का स्थान दिया गया है. भारत माता बोलते ही जय का उद्घोष स्वतः ही आ जाता है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी मातृ संस्कृति और परंपरा देवी और देवताओं के स्मरण करने में भी झलकती है. माता के बिना किसी भी देवता को याद करना अधूरा माना जाता है जैसे सीता राम, राधा कृष्ण. माता का नाम पहले और देवता का नाम बाद में पुकारा जाता है.
सिक्योरिटी गार्ड माला चौधरी ने CM का आभार माना
मुख्यमंत्री यादव ने सतपुड़ा की गोद में महिला शक्ति को समर्पित इस अनूठे प्रयास के लिए प्रसन्नता व्यक्त की. उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर होटल अमलतास के संचालन का शुभारंभ किया. सीएम ने होटल अमलतास में संचालन के लिए कार्यरत सभी महिलाओं से परिचय प्राप्त कर सम्मान स्वरूप उपहार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया. सिक्योरिटी गार्ड माला चौधरी ने मुख्यमंत्री का महिलाओं को प्रशिक्षण और रोजगार देने की पहल करने पर महिलाओं की ओर से आभार व्यक्त किया.
पचमढ़ी में हिमालय और स्विटरलैण्ड जैसा खुशनुमा वातावरण
CM यादव ने कहा कि सतपुड़ा की पहाड़ियों में बसे हमारे पचमढ़ी में हिमालय और स्विटजरलैण्ड के समान खुशनुमा वातावरण है. पचमढ़ी आकर मन आनंद से भर जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष के रूप में पूर्व के कार्यकाल और वर्तमान अनुभव सांझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी के प्रयासों से मध्यप्रदेश में पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है. इस वर्ष लगभग 11 करोड़ पर्यटक प्रदेश में आए है. मध्यप्रदेश पर्यटन के सभी आयाम धार्मिक पर्यटन, ऐतिहासिक धरोहर आधारित पर्यटन, वन्य जीव पर्यटन आदि को अपने में समेटे हुए है. इसलिए देश के साथ साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक मध्यप्रदेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के वन्य जीव संपदा में वृद्धि करने और चीता के पुनर्स्थापन के लिए मध्यप्रदेश को चुनने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि गुरुवार को ही कूनो में दो चीतों को जंगल में स्वतंत्र विचरण के लिये छोड़ा गया है. यह चीते नहीं है यह हमारा संकल्प और हमारी हिम्मत है. मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान ने मध्यप्रदेश की धरती को सभी प्रकार का यश प्रदान किया हैं. प्रदेश की धरती सभी संपदाओं से परिपूर्ण हैं. वन संपदा, भूगर्भ संपदा और सबसे बढ़कर मानव संपदा में मध्यप्रदेश परिपूर्ण राज्य है. मानव संपदा ने हर क्षेत्र में प्रदेश का नाम ऊंचा किया है.
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की पहल: राज्य मंत्री
पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में हमारे गौरवशाली प्रदेश को देश में प्रमुख पर्यटन गंतव्य बनाने के उद्देश्य से विभिन्न स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं. पर्यटन विभाग की तरफ से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए होटल अमलतास का पूरा संचालन महिला कर्मचारियों द्वारा किए जाने की पहल की है. इसके लिये 23 स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षित कर नियुक्त किया गया है. प्रबंधक, हाउसकीपर, स्वागतकर्ता, किचिन स्टाफ, फूड एण्डक ब्रेवरेजस, माली, चौकीदार, शेफ जैसी जिम्मेदारी भी महिलाओं द्वारा ही निभाई जाएगी.
राज्य मंत्री ने बताया कि पर्यटकों की सुविधाओं में विस्तार करते हुए होटल नीलांबर स्काई लाइन का नवीनीकरण किया गया है. निगम के इस इकाई में 16 लग्जरी कक्ष, बेहतरीन डायनिंग एरिया तथा कक्षों में अटैच्ड मॉडर्न बाथरूम, क्वालिटी फर्निशिंग और एनर्जी एफिशिएंट सिस्टम विकसित किए गए है. इनफिनिटी पूल, शानदार लैण्ड- स्केपिंग, पार्किग सहित अन्य जनसुविधाएं विकसित की गई हैं. यहां पर्यटकों को हाई एण्ड लग्जरी सुविधाएं उपलब्ध होगी. एक व्यू पॉइंट भी बनाया गया है जहां से पर्यटक पचमढ़ी के विहंगम दृश्यों का आनंद ले सकेंगे.
प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि सौभाग्य का विषय है कि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में यह नवाचार किया गया है. महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना के तहत चयनित 50 पर्यटन स्थलों पर 40 हजार महिलाओं को आत्मरक्षा की और 10 हजार महिलाओं को पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी की स्किल ट्रेनिंग दी जा रही है. इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी. सामाजिक सरोकार की इस दिशा में कार्य करते हुए दिव्यांग जन को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है. निकट भविष्य में सिर्फ दिव्यांग बहनों और बंधुओं द्वारा होटल संचालन की पहल की जाएगी.