मध्य प्रदेश के गुना जिले में पारदी समुदाय के बीच गैंगवार की स्थिति निर्मित हो गई है. पहले धर्मपाल पारदी और अब मोहन पारदी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इसी बीच जलपुरी बाई नाम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पुलिस के होश उड़ा कर रख दिए हैं. गैंगवार को रोकने के लिए पूरा बिलाखेड़ी गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है. गांव के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है.
31 मार्च को धर्मपाल पारदी की गोली मारकर हत्या की गई थी. धर्मपाल की बहन को बदमाश अपने साथ उठाकर ले जा रहे थे. जब इस बात का विरोध धर्मपाल ने किया तो रामगोपाल गैंग ने गोली चला दी. धर्मपाल के पैर में गोली लगी लेकिन उसे इलाज के लिए अस्पताल नहीं पहुंचने दिया गया जिसके चलते धर्मपाल की मौत हो गई.
हालांकि, बदमाशों का आरोप था कि धर्मपाल ने पुलिस से मुखबिरी की थी इसलिए उसकी हत्या कर दी गई. धर्मपाल की हत्या के वक्त घटनास्थल पर रामगोपाल गैंग के सरगना की मां जलपुरी बाई भी मौजूद थी.
धर्मपाल की हत्या के ठीक डेढ़ महीने बाद जलपुरी बाई की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. जलपुरी बाई के साथ धर्मपाल की पत्नी ने मारपीट की थी. बुजुर्ग जलपुरी बाई पर आरोप था कि उसने और उसके बेटों ने पीड़िता के अश्लील वीडियो बनाकर वायरल किये थे. 10 मई की रात जलपुरी बाई का शव घर से 6 km दूर गोकुल सिंह चक के पेड़ पर लटका मिला था.
12 मई को जब जलपुरी बाई की आत्मशांति के लिए बिलाखेड़ी गांव में क्रियाकर्म चल रहा था तो बदला लेने की नीयत से रामगोपाल गैंग के सदस्य गांव पहुंच गए. 10 अवैध मोटरसाइकिलों पर 15 बदमाश अवैध हथियारों से लैस होकर बिलाखेड़ी गांव पहुंच गए.
जलपुरी बाई का बेटा सत्तू समेत गैंग के सदस्य सिंधू, मोहन, कृपाल, ज्वाला समेत 15 बदमाशों ने धर्मपाल के घर पहुंचकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. जवाब में मृतक धर्मपाल पारदी के भाई धर्मोद ने भी फायरिंग कर दी . गैंगवार में रामगोपाल गैंग का सदस्य मोहन पारदी को गोली लग गई जिसके उसकी मौत हो गई. धर्मोद पारदी के पैर में भी गोली लगी. दोनों ही ओर से सैकड़ों राउंड फायर किए गए.
CSP ज्योति उमठ इस मामले में बताया कि पुलिस ने मोहन के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया. बिलाखेड़ी गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया.
गैंगवार की इस घटना ने पुलिस के होश उड़ाकर रख दिये हैं. माना जा रहा है कि बदले की नीयत से और भी हत्याएं की जा सकती हैं. ये मामला हाईप्रोफाइल आत्माराम पारदी हत्याकांड से भी जोड़कर देखा जा रहा है. जिसमें एक पुलिसकर्मी की मुख्य भूमिका रही थी. हालांकि राज्य शासन ने उक्त पुलिसकर्मी को बर्खास्त कर दिया है.