मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से एक बड़ी खबर सामने आई है. कूनो के खुले जंगल में चीतों को छोड़ने के बाद इनके बीच क्षेत्र निर्धारण (टेरेट्री स्थापित) करने और वर्चस्व बनाने को लेकर भिडंत भी होने लगी हैं. मंगलवार की सुबह कूनो के खुले जंगल में पालपुर बीट के पास नामीबियाई और साउथ अफ्रीकी चीतों के बीच भिडंत हुई है. इस लड़ाई में एक चीता घायल हो गया, जिसका उपचार कूनो पालपुर पशु चिकित्सालय में किया जा रहा है.
कूनो नेशनल पार्क में साउथ अफ्रीकी और नामीबियाई चीते मौजूद हैं. इनमें से नामीबिया और साउथ अफ्रीका के चीतों को खुले जंगल में भी छोड़ा गया है. जिन्हें अलग-अलग बीट और दिशा में रिलीज किया गया है. अब विशाल जंगल में दौड़ लगा रहे चीतों के बीच अपने-अपने इलाके को लेकर आमने-सामने भिड़ंत भी होने लगी है.
ऐसा ही कुछ मंगलवार को हुआ. जब साउथ अफ्रीकी वायु और अग्नि के साथ नामीबिया से लाए गए शौर्य और गौरव की झड़प हो गई. इस युद्ध में साउथ अफ्रीकी चीता अग्नि घायल हो गया. जिसे मॉनिटरिंग टीम ने वहां से अलग कर पालपुर अस्पताल पहुंचाया. फिलहाल उसका इलाज किया जा रहा है. पार्क में मौजूद डॉक्टरों की एक टीम नर चीता की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है.
कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ प्रकाश कुमार वर्मा ने Aajtak को सिर्फ इतना ही बताया कि कूनो पार्क के खुले जंगल में एक नर चीता अग्नि घायल हुआ है. जिसका उपचार पशु अस्पताल में किया जा रहा है. फिलहाल चीते की स्थिति स्थिर है.
यहां बता दें कि नामीबिया से कूनो पार्क लाए गए शौर्य (एल्टन) और गौरव (फ्रेडी) आपस में जुड़वा भाई हैं, जो भारत की धरती पर आने के साथ ही एक साथ जोड़े में रहते आए हैं. लेकिन वायु और अग्नि साउथ अफ्रीकी चीते हैं जो अलग-अलग समूह से हैं. कुल मिलाकर अब हर जंगल की तरह कूनो में भी नामीबिया और साउथ अफ्रीका के चीतों के बीच वर्चस्व को लेकर आपसी भिड़ंत की शुरुआत हो गई है.