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माधवराव सिंधिया की प्रतिमा के अपमान पर NHAI का एक्शन, चार इंजीनियर निलंबित

नेशनल हाईवे- 30 के कटनी बायपास मार्ग को फोरलेन किया जा रहा है. फोरलेन बनाने के दौरान यहां चाका बायपास पर पहले से स्थापित पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया की प्रतिमा को प्रशासन द्वारा दूसरी जगह चिह्नित कर शिफ्ट करना था, लेकिन निर्माण एजेंसी द्वारा शनिवार को बेहद आपत्तिजनक तरीके से जेसीबी से लटकाकर प्रतिमा को हटा दिया गया.

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माधवराव सिंधिया की प्रतिमा के अपमान पर चार इंजीनियर निलंबित किए गए हैं
माधवराव सिंधिया की प्रतिमा के अपमान पर चार इंजीनियर निलंबित किए गए हैं

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत माधवराव सिंधिया की प्रतिमा के अपमान पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) ने कड़ा रुख अपनाते हुए 4 इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री की प्रतिमा को जिस तरह से हटाया गया, उस पर बीजेपी सांसद वीडी शर्मा ने कड़ी नाराज़गी जताई थी.

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दरअसल, नेशनल हाईवे- 30 के कटनी बायपास मार्ग को फोरलेन किया जा रहा है. फोरलेन बनाने के दौरान यहां चाका बायपास पर पहले से स्थापित पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया की प्रतिमा को प्रशासन द्वारा दूसरी जगह चिह्नित कर शिफ्ट करना था, लेकिन निर्माण एजेंसी द्वारा शनिवार को बेहद आपत्तिजनक तरीके से जेसीबी से लटकाकर प्रतिमा को हटा दिया गया. 

यह मामला स्थानीय सांसद और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के संज्ञान में आया तो उन्होंने कड़ाई से कलेक्टर और NHAI के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मूर्ति का विस्थापन सौंदर्यीकरण के साथ अच्छी से अच्छी जगह किया जाए. वीडी शर्मा ने कहा कि राष्ट्र और समाज के निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों की प्रतिमा के साथ इस प्रकार की असंवेदनशीलता अस्वीकार्य है.

इसके बाद NHAI हरकत में आया और मामले में दोषी 4 इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. NHAI ने बताया कि नेशनल हाईवे-30 के कटनी बायपास मार्ग का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसमें चाका जंक्शन का विकास कार्य प्रस्तावित है. यहां दिवंगत माधवराव सिंधिया की प्रतिमा पहले से स्थापित थी. विकास कार्य के लिए प्रतिमा को शिफ्ट करना था. और नए स्थान पर विस्थापित करना था, जिसे निर्माणकर्ता एजेंसी ने आपत्तिजनक तरीके से स्थानांतरित किया. सूचना मिलने के बाद इसे गंभीरतापूर्वक लिया गया और निर्माण कार्य एजेंसी के जिम्मेदार सीनियर इंजीनियर मनोज वर्मा, इंजीनियर आशीष सिंह परिहार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्राधिकरण अभियंता के टीम लीडर राजेश कुमार नेमा और सहायक ब्रिज इंजीनियर दीपक सोनी को दोषी पाया गया, जिन्हें त्वरित रूप से निलंबित कर दिया गया है. 

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