scorecardresearch
 

MP के सियासी दंगल में PhonePe की एंट्री, कांग्रेस को कानूनी एक्शन की दी चेतावनी

कांग्रेस और बीजेपी के बीच मध्य प्रदेश में पोस्टर वार चल रहा है. इसके तहत ही कांग्रेस ने सीएम शिवराज की फोटो के साथ फोनपे का लोगो लगाकर एक तंज भरा पोस्टर लगाया था. अब इसके बाद कांग्रेस ने इस पर आपत्ति् जता दी है.

Advertisement
X
कांग्रेस और बीजेपी के बीच  जारी पोस्टर वार.
कांग्रेस और बीजेपी के बीच जारी पोस्टर वार.

मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच में जारी पोस्टर वार में डिजिटल पेमेंट ऐप फोन पे (Phone-pe) की भी एंट्री हो गई है. कंपनी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिह के खिलाफ लगाए गए पोस्टर में PhonePe का लोगो इस्तेमाल करने पर आपत्ति जताई है. कंपनी ने कांग्रेस को कानूनी एक्शन की चेतावनी भी दी है.

Advertisement

दरअसल, कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ लगाए गए पोस्टरों में Phone-Pe के लोगो के साथ शिवराज सिंह चौहान की फोटो और स्कैनर लगाया है. कंपनी ने अपने लोगो के इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए कांग्रेस पार्टी को चेतावनी दी है. इतना ही नहीं कंपनी ने अपनी पोस्ट में कांग्रेस  पार्टी को टैग भी किया है.

फोनपे ने अपने ट्वीट में लिखा है कि कोई भी तीसरा पक्ष उसके ब्रांड लोगो का इस्तेमाल नहीं कर सकता है,  चाहे वह राजनीतिक हो या गैर-राजनीतिक. कंपनी उसके ब्रांड लोगो के अनाधिकृत उपयोग पर आपत्ति जताती है. कंपनी का कहना है कि हम किसी राजनीतिक अभियान या पार्टी से जुड़े नहीं हैं. PhonePe लोगो हमारी कंपनी का एक पंजीकृत ट्रेडमार्क है. PhonePe के बौद्धिक संपदा अधिकारों का कोई भी अनाधिकृत उपयोग कानूनी कार्रवाई को आमंत्रित करेगा.ॉ

Advertisement

कंपनी की शिकायत पर लेंगे सख्त एक्शन: मिश्रा

पोस्टर वार पर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बयान जारी किया है. उन्होंने कहा है कि यह डर्टी पॉलिटिक्स है. हम कहते तो शायद नहीं मानते, लेकिन अब तो फोनपे कंपनी ने कहा है. उन्होंने आगे कहा,'चरित्र हत्या की राजनीति और सत्ता की लोलुपता इतनी ज्यादा है कि वह (कमलनाथ) इस उम्र में हमारे नेता पर आरोप लगाने के लिए इस तरह की स्तरहीन राजनीति पर आ गए. छिंदवाड़ा में एनएसयूआई के नगर अध्यक्ष  हैं जिन्होने पोस्टर लगाए और फेसबुक पर वीडियो डाला उनके खिलाफ केस दर्ज किया है. बुरहानपुर में संदीप जाधव और ओबेदुल्ला के खिलाफ केस दर्ज किया है और यह सभी कांग्रेस के हैं. हमारे पास सीसीटीवी हैं और अगर कोई खंडन करे तो हम प्रमाण देंगे. फोनपे कंपनी अगर कहेगी तो उसकी शिकायत  पर भी हम कार्रवाई करेंगे. 

QR-code की राजनीति

दरअसल मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी पार्टी कांग्रेस दोनों ने तैयारियांं शुरू कर दी है. बीजेपी कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश की जनता को अपनी सरकार द्वारा किए गए कार्यों को गिनवाकर अपनी नई योजनाओं के बारे में बता रही है.

कांग्रेस का बीजेपी पर पलटवार

दरअसल, शिवराज पर हमले के बाद भाजपा ने कमलनाथ पर उनके स्टाइल में ही जवाबी हमला किया. इससे पहले भोपाल की महत्वपूर्ण जगहों जैसे कि वल्लभ भवन ,सतपुड़ा भवन, 5 नंबर बस स्टॉप ,शौर्य स्मारक सहित कई जगहों के आस पास अज्ञात लोगों द्वारा सीएम शिवराज के खिलाफ दो तरह के पोस्टर लगा दिए गए. इनमें से एक पोस्टर में शिवराज नहीं 'घोटाला राज' लिखा हुआ था, इसके साथ ही व्यापम घोटाला, ई टेंडरिंग घोटाला, डंपर घोटाला, यूनिफॉर्म घोटाला, पेपर लीक घोटाला आदि का जिक्र किया गया था. वहीं दूसरे पोस्टर में शिवराज के 18 साल के घपले और घोटालों का भी जिक्र किया गया था.

Advertisement

वहीं कांग्रेस मंडलम सेक्टर और बूथ लेवल की मीटिंग के ज़रिए अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट कर रही है और सभाओं के जरिए आम जनता को 15 महीने की कमलनाथ सरकार द्वारा किये गए कामों से रूबरू करा रही है. कांग्रेस ने इसे 15 साल बनाम 15 महीने की सरकार का नाम दिया है.इसके साथ-साथ कांग्रेस कर्नाटक की तर्ज पर एमपी में भी बीजेपी के नाराज सीनियर नेताओं और पूर्व विधायकों पर डोरे भी डाल रही है और इसमें उसे शुरुआती कामयाबी भी मिल चुकी है. इसी वजह से कांग्रेस पर निशाना साधने के लिए राजधानी भोपाल में पोस्टर्स लगाए गए.

Advertisement
Advertisement