मध्य प्रदेश के गुना जिले के एक सरकारी स्कूल में टॉयलेट साफ करते हुए छात्राओं का वीडियो सामने आया है. इसके बाद जमकर बवाल मचा. लिहाजा राज्य के पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने जांच के आदेश दिए हैं. एजेंसी के मुताबिक एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना गुना जिले के चकदेवपुर गांव में स्थित एक प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय की है. टॉयलेट साफ करते हुए छात्राओं की तस्वीरें स्थानीय मीडिया में भी प्रकाशित हुई हैं. इस मामले का संज्ञान लिया गया है.
समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक एक अधिकारी ने बताया कि इन तस्वीरों के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने गुना जिला कलेक्टर को मामले की जांच करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक छात्राएं पांचवीं और छठवीं कक्षा की बताई जा रही हैं. तस्वीरों में दिखाई दे रहा है कि छात्राओं ने हाथ में झाड़ू पकड़ रखी है. इतना ही नहीं, वह स्कूल में परिसर में एक हैंडपंप से पानी लाकर शौचालय की सफाई कर रही हैं.
एजेंसी के मुताबिक गांव में एक ही परिसर में प्राइमरी और माध्यमिक स्कूल का संचालन किया जा रहा है. अधिकारी ने बताया कि इस मामले में शिक्षा विभाग की एक टीम भी स्कूल में अलग से जांच करने के लिए पहुंची थी. जांच के दौरान पता चला है कि ये घटना मंगलवार की है. जब स्कूल की प्रिंसिपल एक आधिकारिक बैठक में भाग लेने के लिए गुना गईं हुईं थीं.
अधिकारी ने बताया कि इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है. बारीकी से मामले की जांच की जा रही है. शिक्षा विभाग के उप निदेशक चंद्रशेखर सिसोदिया ने कहा कि मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
गुना से पहले सहारनपुर में भी हुई ऐसी ही घटना
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हाल ही में डॉ. भीमराव स्पोर्ट्स स्टेडियम में हुई कबड्डी प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ी टॉयलेट के अंदर बना खाना खाने के लिए मजबूर हुए. इसका वीडियो वायरल हुआ था. डॉ. भीमराव स्पोर्ट्स स्टेडियम में सब जूनियर (बालिका) कबड्डी प्रतियोगिता का तीन दिवसीय आयोजन किया गया. राज्य स्तर की यह कबड्डी प्रतियोगिता 16 सितम्बर से 18 सितम्बर तक चली, जिसमें 17 टीमों ने हिस्सा लिया. यानी करीब 200 से अधिक लोगों की टीम आई हुई थी. इन लोगों का खाना टॉयलेट में बनवाया गया. हालांकि इस मामले में सहारनपुर के क्रीड़ा अधिकारी अनिमेष सक्सेना को सस्पेंड कर दिया गया है. इसके साथ ही जिलाधिकारी ने जांच बैठा दी है.
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