मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के उद्धाटन सत्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया. इस दौरान समिट में कुछ देरी पहुंचे पीएम ने क्षमा मांगी. कहा कि आज मुझे यहां आने में विलंब हुआ, इसके लिए मैं आप सबसे क्षमा चाहता हूं. विलंब इसलिए हुआ, क्योंकि कल जब मैं यहां पहुंचा तो एक बात ध्यान में आई कि आज 10वीं और 12वीं के छात्रों के एग्जाम हैं. उसका समय और मेरा राजभवन से निकलने का समय एक ही हो रहा था. उसके कारण संभावना थी कि सुरक्षा के कारण अगर रास्ते बंद हो जाएं और बच्चों को एग्जाम के लिए जाने में कठिनाई हो जाए. ये कठिनाई न हो, बच्चे समय से अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंच जाएं. इसके कारण मैंने निकलने में ही 10-15 मिनट की देरी कर दी.
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भोपाल में शुरू हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए अपने कार्यक्रम में बदलाव किया, ताकि वार्षिक परीक्षा देने वाले छात्रों को असुविधा न हो.
पीएम को सुबह 9.45 बजे राजभवन से रवाना होना था और यहां राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में जीआईएस-2025 के लिए जाना था, लेकिन अब वह सुबह 10 बजे रवाना हुए.
PM मोदी ने ‘इन्वेस्ट मध्य प्रदेश- ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025’ का शुभारंभ करते हुए कहा:-
- विकसित मध्य प्रदेश से विकसित भारत की यात्रा में आज का ये कार्यक्रम बहुत अहम है. इस भव्य आयोजन के लिए मैं मोहन यादव जी और उनकी पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई देता हूं.
- भारत के इतिहास में ऐसा अवसर पहली बार आया है, जब पूरी दुनिया भारत के लिए इतनी optimistic है. पूरी दुनिया में चाहे सामान्य जन हो, अर्थनीति के विशेषज्ञ हो, विभिन्न देश हो या फिर संस्थान, इन सभी को भारत से बहुत आशाएं हैं.
- कुछ दिन पहले ही वर्ल्ड बैंक ने कहा है कि भारत आने वाले वर्षों में ऐसे ही दुनिया की fastest growing economy बना रहेगा. कुछ ही दिन पहले climate change पर UN की एक संस्था ने भारत को सोलर पावर की सुपरपॉवर कहा था. इस संस्था ने ये भी कहा कि जहां कई देश सिर्फ बातें करते हैं, वहीं भारत नतीजे लाकर दिखाता है.
- मध्य प्रदेश जनसंख्या के हिसाब से भारत का 5th largest state है. मध्य प्रदेश कृषि के मामले में भारत के शीर्ष राज्यों में है. खनिज हिसाब से भी मध्य प्रदेश देश के शीर्ष 5 राज्यों में है. मध्य प्रदेश को जीवनदायिनी मां नर्मदा का भी आशीर्वाद प्राप्त है. मध्य प्रदेश में हर वो संभावना है जो इस राज्य को GDP के हिसाब से भी देश के शीर्ष 5 राज्यों में ला सकता है.
- पिछले दो दशकों में मध्य प्रदेश ने बहुत बदलाव देखे हैं. बिजली-पानी की समस्या थी, यहां कानून-व्यवस्था और भी खराब थी. ऐसे में औद्योगिक विकास मुश्किल था. लेकिन पिछले बीस सालों में जनता के सहयोग से भाजपा की राज्य सरकार ने गवर्नेंस पर ध्यान केंद्रित किया. दो दशक पहले लोग यहां निवेश करने से कतराते थे और अब यह निवेश के लिए देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है.
- ऊर्जा क्षेत्र में उछाल से मध्य प्रदेश को लाभ मिला है. आज मध्य प्रदेश में बिजली अधिशेष है, जिसकी बिजली उत्पादन क्षमता 31,000 मेगावाट है, जिसमें से 30 प्रतिशत स्वच्छ ऊर्जा से आती है. रीवा सोलर पार्क देश के सबसे बड़े सोलर पार्कों में से एक है. इसके अलावा, मध्य प्रदेश में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट का भी निर्माण किया गया है.
- बीते दशक में भारत ने infrastructure के विकास में उछाल का दौर देखा है. इसका बहुत बड़ा फायदा मध्य प्रदेश को मिला है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे जो देश के 2 बड़े शहरों को जोड़ रहा है, उसका बड़ा हिस्सा MP से ही होकर गुजर रहा है. यानी एक तरफ MP को मुंबई के ports के लिए तेज कनेक्टिविटी मिल रही है और दूसरी तरफ North India के बाजार को भी ये कनेक्ट कर रहा है.
बता दें कि प्रधानमंत्री ने रविवार को मध्य प्रदेश पहुंचे और छतरपुर में श्री बागेश्वर आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान की आधारशिला रखी, जिसमें एक कैंसर अस्पताल भी शामिल होगा. शाम को पीएम ने भोपाल में विधायक और सांसदों से संवाद किया और राजभवन में रात्रि विश्राम किया.
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा:-
- आज जब ये ग्लोबल इन्वेस्टर समिट हो रही हैं तो इसकी थीम ही अपने आप में उत्साहवर्धक है. अनंत संभावनाए, मध्य प्रदेश में जो उद्योग और निवेश की असीम संभावनाओं को दर्शाती है. अनंत संभावनाएं, केवल एक विचार नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में अवसरों की व्यापकता को दर्शाने वाला दृष्टिकोण है. आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "सबका साथ सबका विकास, सबका प्रयास सबका विश्वास" का मंत्र दिया है. जिसमें यह संदेश समाहित है कि जब संभावनाओं के अनंत आकाश में हम सब मिलकर आशाओं की ज्योति जलाते हैं तो एक नहीं बल्कि सभी के आंगन रोशन होते हैं. यही हमारी सनातन संस्कृति की गौरवशाली विरासत भी है. हमने आगामी 5 वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का लक्ष्य निश्चित किया है. जिस पर हम लगातार गतिशील है.
- 1 वर्ष पूर्व निवेश और औद्योगिक विकास की इस यात्रा को रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव के माध्यम से बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से प्रारंभ किया. यहां से पहली बार रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव की शुरुआत हुई. जिसके अगले क्रम में जबलपुर, ग्वालियर, सागर, रीवा, शहडोल, नर्मदमपुरम जैसे संभाग केंद्र तो थे लेकिन रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव पहली बार जब हुई तो वास्तव में यह एक अलग प्रकार का हमारे लिए उत्साह और उमंग का वातावरण बना.
- हमने आगामी 5 वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का लक्ष्य निश्चित किया है. जिस पर हम लगातार गतिशील है. 1 वर्ष पूर्व निवेश और औद्योगिक विकास की इस यात्रा को रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव के माध्यम से बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से प्रारंभ किया. यहां से पहली बार रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव की शुरुआत हुई. अगले क्रम में जबलपुर, ग्वालियर, सागर, रीवा, शहडोल, नर्मदमपुरम जैसे संभाग केंद्र तो थे लेकिन रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव पहली बार जब हुई तो वास्तव में यह एक अलग प्रकार का हमारे लिए उत्साह और उमंग का वातावरण बना.
निवेश प्रोत्साहन के लिए हम 18 नई नीतियां लेकर आए
- मध्य प्रदेश सरकार ने देश और विदेश के उद्योगपतियों से लगातार संवाद करते हुए उनकी आवश्यकताओं और भविष्य की चुनौतियों को समझने का प्रयास किया और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए हमने एक रोड मैप तैयार किया.
- इसी परिप्रेक्ष्य में हम अपनी निवेश नीतियों और निवेश फ्रेंडली इकोसिस्टम पर लगातार काम कर रहे हैं. जिसके आधार पर निवेश प्रोत्साहन के लिए 18 नई नीतियां लेकर हम आए हैं.