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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी थोड़ी देर बाद उज्जैन में महाकाल कॉरिडोर के पहले फेज का उद्घाटन किया. इससे पहले पीएम मोदी ने महाकाल मंदिर में पूजा-अर्चना की. प्रधानमंत्री मोदी ने गर्भगृह में मंत्र जाप किया. इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे. इस खास अवसर पर महाकाल मंदिर और पूरे महाकाल लोक को फूलों से सजाया गया है. इसके साथ ही चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है. महाकाल कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान पीएम ने कहा कि उज्जैन भारत की भव्यता के नए कालखंड का उद्घोष कर रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्जैन में जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि महाकाल काल की रेखाएं भी मिटा देते हैं. उन्होंने कहा कि महाकाल की नगरी प्रलय के प्रहार से भी मुक्त है. पीएम ने कहा कि उज्जैन के कण-कण में आध्यात्म है. उन्होंने कहा कि यहां ईश्वरीय ऊर्जा संचारित हो रही है. उन्होंने कहा कि यहां कालचक्र का 84 कल्पों का प्रतिनिधित्व करते 84 शिवलिंग हैं, यहां 4 महावीर हैं. 6 विनायक हैं. 8 भैरव हैं. नवग्रह हैं. 10 विष्णु हैं. 11 रुद्र हैं. 12 आदित्य हैं. 24 देवियां हैं और 88 तीर्थ हैं. और इन सबके केंद्र में महाकाल विराजमान हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि ये वह जगह है, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा ग्रहण की. महाकाल लोक में सबकुछ अद्वितीय है. सब कुछ अलौकिक है. उज्जैन भारत की आस्था का केंद्र रहा है. इस दौरान पीएम मोदी ने अयोध्या का जिक्र भी किया.
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि शिव ही ज्ञान है, ज्ञान ही शिव है. शिव के दर्शन में ही ब्रह्मांड का सर्वोच्च दर्शन है. हमारे ज्योतिर्लिंगों का विकास भारत की आध्यात्मिक ज्योति का विकास है. भारत के ज्ञान और दर्शन का विकास है. भारत का सांस्कृतिक दर्शन एक बार फिर शिखर पर पहुंचकर विश्व का मार्गदर्शन के लिए तैयार हो रहा है. भगवान महाकाल एकमात्र ऐसे ज्योतिर्लिंग हैं, जो कि दक्षिणमुखी हैं.
PM ने महाकाल कॉरिडोर का उद्घाटन किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बटन दबाकर महाकाल लोक का उद्घाटन किया. महाकाल प्रांगण को इस दौरान बेहद खूबसूरत तरीके से सजाया गया है. उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने कॉरिडोर के बारे में जानकारी भी ली. पीएम के साथ सीएम शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे.
महाकाल मंदिर से पूजा अर्चना कर निकले प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाकाल मंदिर से पूजा अर्चना के बाद बाहर निकल आए हैं. पीएम ने इस दौरान मंदिर में ध्यान लगाया.
महाकाल मंदिर में पूजा अर्चना कर रहे हैं PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक्त महाकाल मंदिर में पूजा अर्चना कर रहे हैं. इससे पहले वमध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें महाकाल कॉरिडोर के बारे में कुछ जानकारी दी.
जानकारी के मुताबिक महाकाल लोक में 108 विशाल स्तंभ बनाए गए हैं. इन पर महादेव, पार्वती समेत उनके पूरे परिवार के चित्र उकेरे गए हैं. ये चित्र देखने में बिलकुल मूर्तियों की तरह ही हैं जिनमें शिव, पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की लीलाओं का वर्णन है.महाकाल की ये नगरी अध्यात्म और आधुनिकता का मिश्रण होगी.
यहां हर एक प्रतिमा के सामने एक बारकोड लगाया है जिसे स्कैन करते ही भगवान शिव की कहानी बता रही प्रतिमा की संपूर्ण जानकारी आपके मोबाइल स्क्रीन पर आ जाएगी. इसका मकसद नई पीढ़ी को प्राचीन इतिहास और कथाओं की जानकारी देना है.
एजेंसी के मुताबिक उज्जैन स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार पाठक ने कहा कि पीएम आज शाम को महाकाल कॉरिडोर परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे. दूसरे चरण पर काम पहले से ही चल रहा है. जून 2023 तक पूरी परियोजना को पूरा किया जाना है.
परियोजना के दूसरे चरण के बारे में उन्होंने कहा कि इसमें एक 'शिखर दर्शन' का निर्माण किया जाएगा. हम महाकालेश्वर मंदिर के पास स्थित एक पुरानी इमारत 'महाराजवाड़ा' में एक प्राचीन धर्मशाला स्थापित करने पर भी काम कर रहे हैं. यह इमारत लगभग 100 साल पुरानी है. मंदिर के नज़दीकी यह बेहद अद्भुत नजर आती है. इसके सामने साढ़े पांच एकड़ का एक खुला स्थान है, जहां 'चिंतन वन', 'अनुभूति वन' और ध्यान केंद्र जैसी सुविधाएं तैयार की जाएंगी.
900 मीटर से अधिक लंबा कॉरिडोर
'महाकाल लोक' भारत में सबसे बड़े ऐसे कॉरिडोर में से एक है, जो पुरानी रुद्रसागर झील के चारों ओर है, जिसे प्राचीन महाकालेश्वर मंदिर (12 'ज्योतिर्लिंगों' में से एक) के आसपास पुनर्विकास परियोजना के हिस्से के रूप में भी पुनर्जीवित किया गया है. राजसी द्वार - नंदी द्वार और पिनाकी द्वार, गलियारे के शुरुआती बिंदु के पास बनाए गए हैं, जो प्राचीन मंदिर का प्रवेश द्वार और रास्ते में सौंदर्य के दृश्य प्रस्तुत करता है
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