मध्य प्रदेश के अशोकनगर में हुए सेल्समैन सौरभ जैन हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. सच सामने आने पर इलाके के लोग हैरान रह गए. इस वारदात को सेल्समैन की पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अंजाम दिया था. महिला और उसका प्रेमी सौरभ के सामने एक-दूसरे को भाई-बहन बताते थे.
दरअसल, सौरभ के भाई ने 18 जुलाई को पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में कहा था कि भाई की हत्या उसकी पत्नि रिचा और उसके प्रेमी दीपेश ने की है. दोनों की शादी 2013 में हुई थी. 2020 में रिचा की फेसबुक पर सिरोंज निवासी दीपेश से दोस्ती हुई. जो कि प्यार में बदल गई. इसके बाद में वो पति को छोड़कर दीपेश के साथ चली गई थी.
मां के प्रेमी को मामा कहता था बेटा
करीब दो महीने बाद ही वो कहकर वापस लौट आई कि दीपेश उसे और बेटे को परेशान करता है. फिर पति-पत्नी घर से अलग होकर शहर में किराए पर कमरा लेकर रहने लगे. मगर, यहां एक युवक भी आकर रहने लगा. इसके लेकर रिचा ने पति को बताया कि वो भाई है. जिसे उसका बेटा मामा कहता था.
महिला अपने प्रेमी को भाई बताती रही
इसी बीच अचानक सौरभ, रिचा और दीपेश तीनों गायब हो गए. इस पर सौरभ के भाइयों ने आरोप लगाया कि भाभी ने भाई की हत्या कर डेथ सर्टिफिकेट बनवा लिया है. इन सभी आरोपों के बाद पुलिस ने आरोपी महिला और उसके प्रेमी को पकड़ा और पूछताछ की.
हैरानी वाली बात ये है कि महिला अपने प्रेमी को भाई बताती रही. प्रेमी ने भी उसे बहन बताया. दोनों ने कहा कि सौरभ की मौत सड़क हादसे में मौत हो गई थी. उसका अंतिम संस्कार तुलसी सरोवर के पास स्थित शमशाम घाट में कर दिया था. मगर, मुक्तिधाम में सौरभ के अंतिम संस्कार की कोई एंट्री नहीं थी.
'लाश के टुकड़े-टुकड़े कर जला दिए थे'
जो पंचनामा आरोपियों ने पुलिस के सामने पेश किया उस पर लिखे नाम वाले लोगों से पूछताछ हुई तो उन्होंने कहा कि उन्होंने साइन ही नहीं किए. इस बीच आरोपियों को लगा कि पुलिस के सवालों के जबाव उनके पास नहीं है तो हत्या की कबूल कर ली. आरोपियों ने बताया कि उन्होंने चंदेरी रोड पर एक किराए के कमरे में हत्या की थी.
फिर लाश के टुकड़े-टुकड़े कर जला दिए थे और राख को कभी कुड़ी घाट, कभी तुलसी सरोवर तो कभी नदी में बहाया. इन सभी स्थानों पर पुलिस पहुंची मगर कोई सबूत नहीं मिला. इसी बीच विदिशा जिले के शमशाबाद थाने में सौरभ के हुलिया से मिलती लाश की जानकारी पुलिस को लगी. पुलिस ने लाश के साथ मिले कपड़े आदि का मिलान किया तो स्पष्ट हो गया कि ये लाश सौरभ की है.
भोपाल ले जाने और रास्ते में हत्या की बात कबूल की
इसके बाद आरोपियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने सौरभ को इलाज के बहाने भोपाल ले जाने और रास्ते में हत्या करने की बात कबूल ली. शमशाबाद थाने में लाश मिलने के बाद अज्ञात के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई थी. अब शमशाबाद पुलिस इस मामले में आरोपियों से पूछताछ करेगी.