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CM शिवराज के भाषण के बीच गई लाइट, ऊर्जा विभाग के अफसर का नाम लेकर पूछा- संजय दुबे हैं क्या?

Bhopal News: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) सिविल सर्विस डे पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे. बिजली गुल होने के पीछे प्रदेश के मुखिया ने कोयले के संकट को जिम्मेदार बताया.

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भोपाल की प्रशासनिक अकादमी में CM शिवराज के भाषण के बीच बिजली गुल हुई.
भोपाल की प्रशासनिक अकादमी में CM शिवराज के भाषण के बीच बिजली गुल हुई.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • MP में उर्जा विभाग के प्रमुख सचिव हैं संजय दुबे
  • CM शिवराज ने स्वीकारा प्रदेश में कोयले का संकट

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) के सामने उस समय अजीब स्थिति बन गई जब उनके भाषण के दौरान ही कार्यक्रम में लाइट चली गई. CM शिवराज गुरुवार को राजधानी भोपाल की प्रशासन अकादमी में सिविल सर्विस डे पर आयोजित एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे. 

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आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अफसरों के इस कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान एक कहानी सुनाने जा रहे थे, इसी दौरान बीच में ही बिजली गुल हो गई और अंधेरा छा गया, साथ ही उनका माइक भी ऑफ हो गया. स्थिति को संभालते हुए सीएम शिवराज ने मंच से पूछा, संजय दुबे (मध्य प्रदेश में उर्जा विभाग के प्रमुख सचिव ) हैं क्या यहां?  CM शिवराज ने आगे कहा, कोयले का भी संकट है अभी. कल सुबह ही संजय से बात हुई तो कह रहे थे रैक ज्यादा दिलवा दो. आपको बता दें कि कार्यक्रम में करीब 5 मिनट तक लाइट गायब रही, लेकिन सीएम का भाषण खत्म होने से पहले वापस आ गई. 

कांग्रेस ने कसा तंज

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बिजली जाने पर कांग्रेस ने तंज कसा है. कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि 'सिविल सेवा दिवस पर प्रशासन अकादमी में मामाजी के संबोधन के दौरान काफ़ी देर तक बिजली हुई ग़ायब…माइक भी बंद. मामाजी ने कोयला संकट का भी ज़िक्र किया…? प्रदेश में बिजली संकट को समझा जा सकता है.

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जिंदगी ऐसे जिएं कि पीढ़ियां याद रखें

इस कार्यक्रम में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा, जीवन ऐसे जीयें कि आप जाएं, तो लोग हमेशा याद करें. एक कलेक्टर, एक एसपी पूरे जिले की तस्वीर बदल सकता है.  हम और आप मिलकर अपने मध्यप्रदेश को ऐसा बना दें कि लोग कहें कि प्रदेश हो तो ऐसालोगों की जिंदगी बदलने का सौभाग्य जनसेवकों और लोकसेवकों को प्राप्त है. अपने लिये जीये, तो क्या जिये, ऐ दिल, जी तू जमाने के लिए. आप प्रदेश और देश को बदल सकते हैं, यह सौभाग्य आपको प्राप्त है. उन्होंने कहा कि सिविल सर्विस लोगों की जिंदगी बदलने और प्रगति को गति देने के लिए सर्वोत्तम माध्यम है. बेहतर से बेहतर कार्य करने का संकल्प लेकर सिविल सर्विस के अधिकारी आगे बढ़ें और ऐसा काम कर जाएं कि पीढ़ियां याद रखें. 

 

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