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जंगल में भाग रहा चीता, पीछा कर रहा हेलीकॉप्टर और ट्रैंक्युलाइजर गन..., कूनो प्रबंधन ने बताई वीडियो की सच्चाई

MP News: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसको लेकर दावा किया जा रहा है कि भारत लाए गए नामीबियाई चीते को हेलीकॉप्टर से डार्ट मारकर ट्रैंक्युलाइज किया गया. इसको लेकर कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन का कहना है कि यह दावा गलत है. कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ ने कहा कि वीडियो भारत का नहीं है.

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कूनो प्रबंधन ने बताई वीडियो की सच्चाई. (Video Grab)
कूनो प्रबंधन ने बताई वीडियो की सच्चाई. (Video Grab)

मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से बीते दिनों चीता पवन शिवपुरी होते हुए यूपी की सीमा तक जा पहुंचा था. उसे वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू किया था. इस रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. इसके साथ ही दावा किया जा रहा है कि हेलीकॉप्टर से डार्ट मारकर चीते को ट्रैंक्युलाइज किया गया. इस वायरल वीडियो को लेकर कूनो प्रबंधन ने कहा है कि चीते को हेलीकॉप्टर से डार्ट मारकर रेस्क्यू नहीं किया गया था.

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जानकारी के अनुसार, यह वीडियो उस समय वायरल हुआ, जब 22 अप्रैल को एक सप्ताह पूर्व कूनो से भागे नामीबियाई चीता पवन को यूपी बॉर्डर के जंगल से रेस्क्यू कर कूनो लाया गया था. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि किसी जंगल में एक चीता तेजी से भाग रहा है. वहीं ऊपर हेलीकॉप्टर उसका पीछा कर रहा है. वीडियो में Tranquilizer गन भी नजर आ रही है.

यहां देखें वीडियो

वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो दावा किया जाने लगा कि कूनो लाए गए चीते को रेस्क्यू किया जा रहा है. वीडियो में चीते की रफ्तार देख लोग दंग रह गए. वीडियो में यह भी दावा किया गया कि चीता पवन तेज रफ्तार के साथ लंबी छलांग लगाते हुए जंगल से भाग रहा है. वहीं हेलीकॉप्टर में बैठी टीम चीते का पीछा कर निशाना लगाने की कोशिश कर रही है.

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वायरल वीडियो को लेकर क्या बोले कूनो के डीएफओ?

इस मामले को लेकर नेशनल पार्क के डीएफओ प्रकाश कुमार वर्मा ने कहा कि यह वीडियो भारत का नहीं है. उन्होंने कहा कि देश में चीते के रेस्क्यू के लिए अब तक कभी भी हेलीकॉप्टर की मदद ही नहीं ली गई. डीएफओ ने कहा कि वायरल वीडियो देखा है, यहां अभी तक किसी भी एनिमल को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू ही नहीं किया गया है. यह वीडियो नामीबिया या साउथ अफ्रीका का हो सकता है.

11 मार्च को खुले जंगल में आजाद किया गया था चीता पवन

बता दें कि पिछले साल 17  सितंबर को नामीबिया से चीते लाए गए थे. कूनो नेशनल पार्क में चीता ओबान (अब भारतीय नाम पवन) को क्वारंटीन बाडे़ से बड़े बाडे़ में शिफ्ट किया गया था. इसके बाद 11 मार्च को खुले जंगल में आजाद कर दिया गया था. खुले जंगल में चीता पवन ने यहां के माहौल को अपना लिया.

यह भी पढ़ेंः शिवपुरी के खेतों में घूमता दिखा कूनो से भागा नामीबियाई चीता, लोगों ने बनाया Video

कुछ दिनों बाद वह पार्क छोड़कर बाहर भागने लगा. कभी वो गांव में घुसता तो कभी दूसरे राज्य की सीमा में पहुंच गया. उस पर निगरानी रख रही टीम ने तय किया है कि अब चीता पवन को खुले में नहीं छोड़ना है. इसलिए उसे यूपी के झांसी की सीमा से ट्रैंक्युलाइज कर वापस कूनो के बड़े बाड़े में कैद कर दिया गया है.

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