MP News: शिवपुरी जिले के बरखड़ी गांव में दो दलित युवकों को प्रताड़ित करने के आरोप में 7 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. साथ ही आरोपियों के अवैध अतिक्रमण को भी प्रशासन ने ढहा दिया है. आरोपियों ने वन विभाग की कीमती 20 बीघा जमीन पर कब्जा कर रखा था. मध्य प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा ने इस घटना को लेकर चुप्पी साधने पर कांग्रेस को घेरा था और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया था.
जिले की नरवर तहसील के ग्राम बरखड़ी का यह मामला है. बीते 30 जून की दोपहर लड़कियों से छेड़खानी के आरोप में दो दलित युवकों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया था. फिर उनको मारा-पीटा, मुंह काला किया और मैला खिलाया. इससे भी मन नहीं भरा तो जूते-चप्पलों की माला पहनाकर दोनों का जुलूस निकाला.
जैसे-तैसे आरोपियों के चुंगल से छूटने के बाद पीड़ित युवक मगरौनी थाना चौकी गए और नामजद रिपोर्ट लिखाई. इन आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं. आरोपियों के नाम अजमत खान, वकील खान, आरिफ खान, शाहिद खान, इस्लाम खान, रहीशा बानो और साइना बानो हैं.
इस सिलसिले में एसपी रघुवंश सिंह भदौरिया का कहना है कि दलितों को प्रताड़ित करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर सातों आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली गई है. इनमें दो आरोपी महिलाओं को भी गिरफ्तार किया है. मैला खिलाने की बात भी फरियादियों ने कही है. वहीं, आरोपियों के घर वन भूमि में बने थे, जिन्हें प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है.
बता दें कि इस घटना को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने आश्चर्य जताया और कहा कि कांग्रेस अपनी 'तुष्टीकरण नीति' के कारण इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है. उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों के एक समूह ने झूठे आरोपों पर दो दलित युवकों की पिटाई की. उन्होंने दोनों को जूतों की माला पहनाई, जुलूस में घुमाया और उनके मुंह में मल भर दिया. यह बिल्कुल अमानवीय है. घटना की निंदा करते हुए बीजेपी नेता आरोप लगाया कि तुष्टीकरण नीति के कारण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ या राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने इस मुद्दे पर कुछ भी ट्वीट नहीं किया है.
कांग्रेस ने मामले को दबाने की कोशिश की: गृहमंत्री
इस घटना पर सूबे के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है. घटना को दबाने के लिए कांग्रेस के लोगों ने प्रशासन को फोन किए. यह घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी. आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) की कार्रवाई के लिए प्रशासन को निर्देश दिए हैं. प्रशासन को कहा गया है कि यदि अवैध अतिक्रमण है तो उस पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की जाए.