मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार ने बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को बड़ा तोहफा देने का प्लान किया है. 21 मई से मध्य प्रदेश सरकार बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को सरकारी खर्च पर अलग-अलग तीर्थस्थलों के दर्शन करवाएगी. मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के तहत यात्रा शुरू हो रही है, जिसके तहत अभी तक बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को ट्रेन से देश के तीर्थस्थलों के दर्शन कराए जाते थे, लेकिन इस बार सीएम शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि अब तीर्थयात्रियों को प्लेन से तीर्थस्थलों तक पहुंचाया जाएगा. इस संबंध में गुरुवार को शासन ने आदेश भी जारी कर दिया है.
कैसे काम करेगी योजना, पूरी डिटेल जानें
- 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को मिलेगा लाभ
- जिला प्रशासन कलेक्ट्रेट ऑफिस, तहसील कार्यालय, जनपद कार्यालयों में फॉर्म उपलब्ध करवाएगा और जमा भी करवाएगा.
- हर जिले से 32 पात्र तीर्थयात्रियों का चयन किया जाएगा.
- तीर्थस्थलों पर जाने वाले प्लेन में 33 सीटें मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के तहत आवेदन करने वाले यात्रियों के लिए रिजर्व रहेंगी, जिसमें 32 तीर्थयात्री होंगे और एक सीट जिला प्रशासन द्वारा भेजे जाने वाले एक मॉनिट्रिंग अधिकारी के लिए रहेगी.
- यदि किसी जिले में 32 से अधिक आवेदन आते हैं तो कलेक्टर की निगरानी में कंप्यूटराइज्ड तरीके से लॉटरी निकालकर पात्र तीर्थयात्रियों का चयन किया जाएगा.
- जिस एयरपोर्ट से तीर्थयात्रियों को ले जाया जाएगा, उसी एयरपोर्ट पर तीर्थयात्रियों को वापस लाया जाएगा.
- तीर्थयात्री के लिए रहने, खाने-पीने की व्यवस्था आईआरसीटीसी के पैकेज के तहत होगी. प्लेन के अंदर तीर्थयात्रियों को अलग से भोजन की व्यवस्था नहीं होगी.
- तीर्थयात्री अपने साथ 15 किलो तक का सामान चेक इन बैग और 7 किलो तक सामान हैंड बैग में ले जा सकेंगे. अगर इस लिमिट से अधिक सामान ले गए तो फिर एयरपोर्ट पर अतिरिक्त सामान शुल्क लग जाएगा. एयरपोर्ट पर तय समय से 3 घंटे पहले पहुंचना होगा.
पहले चरण में शामिल होंगे यह जिले
नर्मदापुरम, नीमच, दमोह, रतलाम, शाजपुर, सागर, उज्जैन, खंडवा, बड़वानी, बुरहानपुर, खरगोन, भोपाल, इंदौर, अलीराजपुर, धार, राजगढ़, रायसेन, सीहोर, झाबुआ, विदिशा, आगर-मालवा, बैतूल, देवास, हरदा, मंदसौर जिले के बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को पहले चरण में प्लेन से तीर्थयात्रा करने का मौका मिलेगा.