मध्य प्रदेश में दीपावली पर्व के अवसर पर रेहड़ी पटरी वालों को बाजारी कर और शुल्क से छूट प्रदान की गई है. यह आदेश 29 अक्टूबर से 11 नवम्बर, 2024 (ग्यारस पर्व) तक है. यह आदेश स्थानीय कौशल उस पर आधारित स्व-रोजगार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है.
बाजारी टैक्स या फीस से छूट का फायदा स्थानीय, ग्रामीण कारीगरों, स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित मिट्टी और गोबर के दीपक, दीप-मालाएं और धार्मिक प्रतीकों के विक्रय पर विशेष रूप से दिया जाएगा.
इस संबंध में जिला कलेक्टर्स को विभाग ने दिशा-निर्देश दिए हैं. बाजारों में इस संबंध में लगने वाली दुकानों पर साफ-सफाई और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था किए जाने के लिए स्थानीय निकायों को निर्देशित किया गया है.
बता दें कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश में दीपावली पर्व पर 'वोकल फॉर लोकल' यानी स्थानीय विक्रेताओं से सामग्री की खरीदी को प्रोत्साहित करने के लिए धनतेरस से एकादशी तक सभी शहरी, ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यापारियों और हाथ ठेला वालों से बाजार शुल्क न वसूलने का ऐलान किया था.
CM ने कहा कि सभी नगरीय निकाय स्थानीय स्तर पर साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने विशेष अभियान चलाएं. साथ ही प्रदेश में रोशनी के पर्व दीपावली के अवसर पर बिना कटौती बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करें.