मध्य प्रदेश के भिंड में सरकारी स्वास्थ्य सेवा का बुरा हाल है. इसकी एक बानगी मंगलवार को भिंड के दबोह इलाके में देखने को मिली. दबोह के मारपुरा गांव में एक बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ जाने पर बुजुर्ग के बेटे ने कई बार 108 एंबुलेंस सेवा को फोन लगाया लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची.
एंबुलेंस नहीं मिलने पर मजबूर बेटा हाथ ठेले पर बीमार पिता को सुलाकर 5 किलोमीटर दूर दबोह अस्पताल तक पहुंचा जहां उसने पिता का इलाज कराया. दरअसल मारपुरा गांव में रहने वाले हरी सिंह विश्वकर्मा के पिता की अचानक तबीयत खराब हो गई थी.
हरी सिंह विश्वकर्मा बहुत गरीब हैं और उनके पास खुद का मोबाइल फोन तक नहीं है. अपने पिता को अस्पताल ले जाने के लिए हरी सिंह ने अपने पड़ोसी का मोबाइल फोन लिया और फोन से 108 एंबुलेंस सेवा पर कई बार फोन लगाया.
लगातार 108 एंबुलेंस को कॉल करने के बाद भी जब एंबुलेंस मारपुरा गांव नहीं पहुंची तो परेशान बेटे को कुछ और नहीं सूझा. इतने पैसे भी नहीं थे कि कोई प्राइवेट वाहन करके अपने पिता को सुरक्षित तरीके से अस्पताल ले जाते.
इसलिए हरीसिंह ने अपने बुजुर्ग पिता को हाथ ठेले पर लिटाया और 5 किलोमीटर तक उसे धक्का देकर दबोह अस्पताल पहुंचे और पिता का इलाज कराया.
इस मामले में लहार बीएमओ धर्मेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि जिसने भी यह लापरवाही की है उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करवाएंगे. वे पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देंगे जिसके बाद कार्रवाई होगी.
मरीज के बेटे हरी सिंह ने कहा- 108 पर तीन चार बार कॉल किया लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया. कई बार नंबर व्यस्त आ रहा था. 5 किलोमीटर दूर हमारे गांव में कोई सुविधा नहीं है और ना ही आयुष्मान कार्ड है.