मध्य प्रदेश के खंडवा में स्पेशल कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के तहत 9 साल पुराने बच्ची से रेप और हत्या के मामले में आरोपी की मौत की सजा को बरकरार रखा है. इस संगीन मामले में उसी साल आरोपी को जिला और सत्र न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई थी. हाईकोर्ट ने इस मामले की पुष्टि की थी. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सजा पर पुनर्विचार के लिए उसे खंडवा के स्पेशल कोर्ट में भेज दिया था. इसी मामले में फिर से सुनवाई के बाद जस्टिस प्राची पटेल ने आरोपी की फांसी की सजा को बरकरार रखने का आदेश दिया.
बता दें कि यह मामला साल 2013 का है. खंडवा जिले के छैगांवमाखन थाना क्षेत्र के लंगोटी गांव में एक 9 साल की लड़की का अपहरण के बाद रेप किया गया था और फिर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई थी. इस घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश था.
पुलिस ने भी इस मामले में तत्परता से कार्रवाई करते हुए 21 साल के आरोपी अनोखीलाल को गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के साथ ही अपहरण, बलात्कार और हत्या का मामला दर्ज़ किया था.
जिला न्यायालय ने भी इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी. इस बीच, आरोपी ने अपने बचाव के लिए सुप्नीम कोर्ट में अपील की थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने इसे खंडवा के स्पेशल कोर्ट में पुनर्विचार के लिए भेज दिया था. लेकिन इस मामले में आरोपी की फांसी की सजा को बरकरार रखा गया है.