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सूअर के शिकार के लिए जंगल में फैलाया करंट, चपेट में आए बाघ की हो गई मौत

जंगली सूअर के शिकार के लिए बिजली की लाइन से जंगल में अंदर तक खूंटियां गाड़कर करंट के लिए करीब 250 मीटर लंबा तार लगाया था. रात्रि के समय तार से करंट लगने के कारण बाघ की मौत हो हुई.

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प्रतीकात्मक तस्वीर (Image Source: META AI)
प्रतीकात्मक तस्वीर (Image Source: META AI)

मध्य प्रदेश के वन मंडल नर्मदापुरम में जंगली जानवरों का शिकार करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. अब बाघ के गायब नाखूनों और दांतों की बरामद करने की भी कार्रवाई की जा रही है.

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एक अधिकारी ने बताया कि वन मंडल नर्मदापुरम परिक्षेत्र के बानापुरा बीट बांसपानी के अमले ने 11 दिसंबर को गस्ती के दौरान एक बाघ का शव देखा. इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई. बाघ की मृत्यु का कारण जानने के लिये मोस्टमार्टम और बिसरा एकत्र करने के लिए एनटीसीए के प्रोटोकॉल अनुसार कार्रवाई की गई. मामले की जांच डॉग स्क्वायड और टायगर स्ट्राइक फोर्स ने की.

जांच के दौरान संदिग्ध पाए गए व्यक्तियों से पूछताछ की गई. प्राप्त साक्ष्यों और संदिग्ध व्यक्तियों के बयान के आधार पर कैलाश पिता प्रेमलाल कोरकू, रामरतन पिता राधेलाल कोरकू, भूरा निवासी ग्राम बांसपानी और ग्राम पंचायत पीपलगोटा को गिरफ्तार किया गया. 

आरोपियों ने 3 दिसंबर को जंगली सूअर के शिकार के लिए बिजली की लाइन से जंगल में अंदर तक खूंटियां गाड़कर करंट के लिए करीब 250 मीटर लंबा तार लगाया था. रात्रि के समय तार से करंट लगने के कारण बाघ की मौत हो हुई. आरोपियों से तार, खूंटियां, कुल्हाड़ी और खूंटियां बनाने के लिए लकड़ी का ठिया जब्त किया गया है. 

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आरोपियों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर मामले में मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिसिटी अधिनियम की धारा के अनुसार तीनों आरोपियों के खिलाफ न्यायिक कार्रवाई की जा रही है. बाघ के गायब नाखून और दांतों की बरामदगी के लिए भी कार्रवाई की जा रही है.

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