मध्य प्रदेश के बालाघाट में एक बाघ मृत पाया गया तो हड़कंप मच गया. उसकी गर्दन एक लोहे के तार में फंस गई थी जिसके कारण तड़पकर उसकी मौत हो गई. फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर बाबूलाल चड्ढार ने बताया कि उन्हें शनिवार को कटंगी क्षेत्र में एक घायल बाघ की सूचना मिली थी.
उन्होंने कहा-'हालांकि, जब तक हम मौके पर पहुंचे, बाघ मर चुका था. संभवत: गर्दन में तार का टुकड़ा फंसने के कारण भूख और डिहाइड्रेशन से इसकी मौत हो गई.' फॉरेस्ट ऑफिसर को संदेह है कि बाघ ने जंगली सूअरों को फसलों को नष्ट करने से रोकने के लिए एक खेत के चारों ओर स्थापित तार की बाड़ को पार रहने की कोशिश की होगी जब वह इस हादसे का शिकार हो गया.
उन्होंने कहा- हो सकता है कि उसने खुद को छुड़ाने के लिए तारों को खींचा हो, जो फिर एक फंदे की तरह उसकी गर्दन में फंस गया.उन्होंने कहा कि खोजी कुत्तों को मौके पर भेजा गया और जांच की जा रही है. अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के दिशानिर्देशों के अनुसार पोस्टमार्टम के बाद शव का दफना दिया गया है.
बता दें कि मध्यप्रदेश में बाघों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. बीते साल इटारसी के पास ट्रेन से बाघ के शावक की मौत हुई थी, बालाघाट में बाघ मृत मिला था और फिर पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघिन का शव मिला .