मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में दुनिया की पहली वैदिक घड़ी स्थापित की गई है. विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का निर्माण लखनऊ की संस्था 'आरोहण' के आरोह श्रीवास्तव ने बनाई है. इसमें GMT के 24 घंटों को 30 मुहूर्त (घटी) में बांटा गया है. हर घटी का धार्मिक नाम और खास मतलब होगा. घड़ी में घंटे, मिनट और सेकंड वाली सुई भी रहेगी. सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर यह टाइम की कैलकुलेशन करेगी. मुहूर्त गणना, पंचांग, मौसम से जुड़ी जानकारी भी हमें इस घड़ी के जरिए मिलेगी.
विक्रमादित्य वैदिक घड़ी से जुड़ी खास बातें:-
वैदिक घड़ी से जुड़ा मोबाइल ऐप भी लॉन्च होगा. वैदिक घड़ी के सभी फीचर इस एप में रहेंगे. उज्जैन में लगने वाली घड़ी में जो बदलाव होंगे, वो एप में भी शो होंगे. आप इसे मैन्युअल भी ऑपरेट कर सकेंगे. इसे आप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकेंगे. उज्जैन को काल गणना (टाइम कैलकुलेशन) का केंद्र माना जाता रहा है. उज्जैन से कर्क रेखा (ट्रॉपिक ऑफ कैंसर) गुजरी है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अथक प्रयास से उज्जैन को टाइम कैलकुलेशन का सेंटर बनाने की भूमिका रही है.
यह भी पढ़ें: MP: उज्जैन में दुनिया की पहली वैदिक घड़ी का उद्घाटन करेंगे PM मोदी, ग्रहों सहित मिलेंगी ये अहम जानकारियां
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समय के बदलते चक्र में उज्जैन में स्थापित दुनिया की पहली वैदिक घड़ी मध्यप्रदेश एवं देश का नाम दुनिया में बढ़ाएगी. अब भारत का समय दुनिया में जाना जाएगा. राज्य सरकार सम्राट विक्रमादित्य पर केन्द्रित साहित्य का सृजन करने का प्रयास भी कर रही है. सम्राट विक्रमादित्य पर हमें सदैव गर्व रहा है.
CM ने उज्जैन में जीवाजी वैधशाला पर नवस्थापित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अवलोकन किया और इस अवसर पर उन्होंने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लैव में शामिल हुए निवेशकों को वैदिक घड़ी के महत्व और विशेषताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित विशेष सहभोज में निवेशकों के साथ आत्मीयता के साथ भोजन ग्रहण किया और चर्चा की.
इस मौके पर बांसूरी वादन के कलाकारों ने बांसूरी पर स्वर लहरियां बिखेरी और ‘राम आयेंगे मेरी झोपड़ी के भाग खुल जायेंगे’ सहित अनेक भजनों की सुमधुर प्रस्तुति दी. CM ने बांसूरी वादक कलाकारों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और उन्हें स्मृति स्वरूप अपना पेन भी भेंट किया.