मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी अपने रुठे और नाराज चल रहे नेताओं को मनाने और उनकी घर वापसी की कवायद में जुट गई है. पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती को मनाने शिवराज सिंह चौहान पहुंचे हैं. उनके बेहद करीबी प्रीतम सिंह लोधी की पार्टी में वापसी का तानाबाना बुना जाने लगा है. प्रीतम का दावा है कि पिछले 15 दिनों में शिवराज से लेकर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित बीजेपी के 4 दिग्गज नेता उन्हें वापसी का न्योता दे चुके हैं. जबकि पिछले साल अगस्त में ब्राह्मण समुदाय पर टिप्पणी करने की वजह से उन्हें निष्कासित कर दिया गया था. ऐसे में सवाल उठता है कि दस महीने में ही क्या बदला गया, जिसके चलते बीजेपी प्रीतम लोधी की वापसी कराना चाहती है?
बता दें कि प्रीतम सिंह लोधी को पिछले साल अगस्त में ब्राह्मणों और कथावाचकों पर विवादित बयान देने के चलते बीजेपी से निष्कासित कर दिया गया था, लेकिन विधानसभा चुनाव की तपिश के साथ उनकी वापसी के भी संकेत मिलने लगे हैं. प्रीतम लोधी ने aajtak.in से बातचीत में बताया कि पिछले 15 दिन के अंदर बीजेपी के चार बड़े नेता उनसे बीजेपी में शामिल होने के लिए कह चुके हैं, लेकिन उन्होंने अभी उसे स्वीकार नहीं किया है.
प्रीतम लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया, मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री नरोत्तम मिश्रा और भूपेंद्र सिंह जैसे दिग्गज नेताओं से बातचीत हुई है. प्रीतम का दावा है कि इन चारों वरिष्ठ नेताओं ने उनसे बीजेपी में शामिल होने का न्योता दिया है. इस बात पर मैंने उनसे साफ तौर पर कहा आप पिछोर की जनता से बात करो, क्योंकि मेरे राजनीतिक फैसले का निर्णय पिछोर की जनता तय करेगी. पिछोर की जनता की राय जानने के लिए शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया तीन मार्च को पिछोर में रैली करने आ रहा हैं.
मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के प्रीतम सिंह लोधी के करीबी ही नहीं बल्कि मू्ंह बोले भाई कहा जाता है. दोनों ही लोधी समुदाय से आते हैं और शिवपुरी के इलाके में अच्छा खासा प्रभाव है. तीन मार्च को शिवराज और सिंधिया की शिवपुरी में होने वाली रैली से पहले उमा भारती को मनाने के लिए शिवराज सोमवार को उनके घर पहुंचे और उनके पैरों को छूकर आशिर्वाद लिया तो दूसरी तरफ प्रीतम सिंह लोधी की घर वापसी के लिए पठकथा लिखी जा चुकी है. माना जा रहा है कि 3 मार्च के बाद प्रतीम लोधी की पार्टी में वापसी किसी भी समय हो सकती है.
मध्य प्रदेश में लोधी समाज बीजेपी का मजबूत वोटबैंक रहा है. उमा भारती की शिवराज सरकार से नाराजगी उनके करीबी प्रीतम लोधी के बीजेपी से निष्कासन किए जाने की एक बड़ी वजह रही. उमा भारती काफी दिनों से अपनी ही पार्टी से तल्खी लगातार बढ़ती जा रही थी. उमा करीबी प्रीतम लोधी ने ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी के बाद माफी मांग ली थी, लेकिन इसके बाद भी उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया. इस बात को लेकर उमा भारती और लोधी समाज दोनों ही अपने आक्रामक तेवर दिखाना शुरू कर दिया था.
प्रीतम सिंह लोधी ने पहले से ही बीजेपी के खिलाफ मध्य प्रदेश में मोर्चा खोल रखा है और अपने लोधी समुदाय को बीजेपी से दूरी बनाए रखने की नसीहत दे रहे हैं. 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सबक सिखाने का अल्टीमेटम भी दे सार्वजनिक रूप से दे रहे थे. ऐसे में बीजेपी को अपना सियासी समीकरण गड़बड़ाता नजर आ रहा था, जिसके चलते ही शिवराज सिंह चौहान उमा भारती से लेकर प्रीतम सिंह लोधी तक मनाने में जुट गए हैं.
मध्य प्रदेश में भले ही चार से पांच फीसदी लोधी समुदाय के वोटर्स हैं, लेकिन राज्य की 232 विधानसभा सीटों में से करीब पांच दर्जन सीटों पर सियासी प्रभाव रखते हैं और एक दर्जन लोकसभा सीट पर भी वह प्रभावी हैं. मध्य प्रदेश के हौशंगाबाद, जबलपुर, खजुराहो, सागर, नरसिंगपुर, भांदरा, मंडला, छिंदवाडा और दमोह आदि जिलों में लोधी समुदाय बड़ी संख्या में हैं. इसी तरह लोधी महाकौशल, बुंदलेखंड और ग्वालियर-चंबल के इलाके में निर्णायक भूमिका में नजर आते हैं.
वहीं, उत्तर प्रदेश में भी 70 सीटें लोधी बाहुल्य हैं. राजस्थान, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश को मिलाकर 30-40 लोकसभा सीटों पर इनका वोट महत्वपूर्ण हो जाता है. इसी सियासी समीकरण को देखते हुए उमा भारती को मनाने शिवराज घर पहुंचे तो बीजेपी के चार नेता प्रीतम सिंह लोधी को घर वापसी के लिए मना रहे हैं?