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मंगलसूत्र गिरवी रख थमाई फर्जी QR स्लिप... डिजिटल अरेस्ट लेडी टीचर से पड़ोसन ने भी की थी धोखेबाजी, स्कैम से तंग हुई तो किया सुसाइड

साइबर ठगों के चंगुल में फंसी टीचर ने अपनी सहेली से मदद मांगी थी. लेकिन मदद करने की बजाय सहेली ने भी धोखाधड़ी कर दी. डिजिटल अरेस्ट हुई महिला टीचर की मौत के बाद एक नया खुलासा हुआ है.

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बाएं से मृतका रेशमा पांडेय और आरोपी महिला आंचल तिवारी.
बाएं से मृतका रेशमा पांडेय और आरोपी महिला आंचल तिवारी.

मध्य प्रदेश के मऊगंज में डिजिटल अरेस्ट महिला टीचर की आत्महत्या के बाद एक नया खुलासा हुआ है. साइबर ठगों के चंगुल में फंसी टीचर ने अपनी सहेली से मदद मांगी थी. लेकिन मदद करने की बजाय सहेली ने भी धोखाधड़ी कर दी. धोखेबाज सहेली ने महिला टीचर का मंगलसूत्र गिरवी रखा और पैसे UPI के जरिए ट्रांसफर करने की फर्जी स्लिप पकड़ा दी. पहले से तय बातचीत के आधार पर डिजिटल अरेस्ट चल रही महिला टीचर ने जैसे ही फर्जी स्लिप ठगों को भेजी तो धोखेबाजों ने उसे सुसाइड के लिए मजबूर कर दिया. पुलिस ने अब पड़ोसन सहित 3 आरोपियों को पकड़कर जेल भेज दिया है.

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दरअसल, मऊगंज जिले की महिला टीचर रेशमा पांडेय ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम में फंसकर 6 जनवरी को जान गंवा दी थी. पुलिस ने जब इस मामले की पड़ताल शुरू की तो एक के बाद एक हैरान करने वाले खुलासे हुए. अब इस मामले में मृतका रेशमा पांडेय की सहेली की चालबाजी सामने आई है.  

दरअसल, पड़ोसन आंचल तिवारी मृतका रेशमा पांडेय के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थी. जिससे उसका रेशमा के घर भी आना-जाना लगा रहता था. 

पुलिस के मुताबिक,  4 जनवरी को रेशमा पांडेय को साइबर ठगों ने एक क्यूआर कोड भेजा था. चूंकि रेशमा पांडेय की पास रुपए नहीं थे तो पड़ोसन आंचल तिवारी ने मंगलसूत्र के लॉकेट को गिरवी रखने की सलाह दी. करीब 39 हजार कीमत के लॉकेट की कीमत आंचल तिवारी ने 11 हजार रुपए लगाई और मंगलसूत्र बेचकर रुपए अपने पास रख लिए. 

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जब रेशमा को पैसे देने की बारी आई तो आंचल तिवारी ने अपने पुरुष दोस्त से ऑनलाइन रुपए ट्रांसफर करवाने की बात कही. इसके बाद डिजिटल अरेस्ट चल रही रेशमा पांडेय ने आंचल से कहा कि वह इंस्टाग्राम पर पुराने सिक्कों को बदलने वाले लोगों को यूपीआई से पैसे ट्रांसफर कर दे. 

फर्जी स्लिप तैयार कर रेशमा पांडेय को पकड़ा दी

उधर, आंचल तिवारी ने चालबाजी करते हुए साइबर ठगों के क्यूआर कोड में 5500 रुपए ट्रांसफर करने की फर्जी स्लिप तैयार कर रेशमा पांडेय को पकड़ा दी. इस स्लिप का स्क्रीनशॉट रेशमा पांडेय ने साइबर ठगों को भेजा, जिससे धोखेबाज अपने आपको ठगा महसूस करने लगे. फिर तो धोखेबाजों ने रेशमा को जमकर प्रताड़ित किया, जिससे तंग होकर रेशमा ने जहर खा लिया.

11 हजार रुपये में गिरवी रखा मंगलसूत्र 

एसपी रसना ठाकुर ने बताया कि मृतका की सहेली आंचल तिवारी सोने के लॉकेट को देखकर लालच में आ गई थी. जब धोखेबाजों को रुपए ट्रांसफर करने के लिए रेशमा ने अपना मंगलसूत्र बेचने के लिए कहा तो आंचल ने 11 हजार रुपए में उसे गिरवी रखने की बात कही और धोखेबाजों को  5500 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करने का फर्जी स्क्रीन शॉट भेजा दिया. आंचल ने मंगलसूत्र को अपने पास रखकर बाकी के 5500 रुपए रेशमा के घर जाकर उसके बच्चों को सौंप दिए थे. 
 
साइबर ठगों ने दिया था पुराने सिक्कों को बदलने का लालच 
डिजिटल अरेस्ट की शुरुआत धोखेबाजों ने इंस्ट्राग्राम के जरिए की थी. मृतका रेशमा पांडेय को धोखेबाजों ने इंस्टाग्राम पर पुराने सिक्कों को बदलने के लिए ऑफर दिया था. कहा कि पुराने सिक्कों के बदले करोड़ों रुपए दिए जाएंगे. इसके बाद महिला टीचर धोखेबाजों के जाल में फंसती चली गई. पुलिस ने 3 डिजिटल धोखेबाजों को राजस्थान के अलवर से पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. इनसे पूछताछ के बाद पड़ोसन आंचल तिवारी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. 

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