मध्य प्रदेश में झाबुआ जिले (MP Jhabua) की आदिवासी बहुल पंचायत परवट में सरपंच और पंच के सभी पदों पर महिलाएं निर्विरोध निर्वाचित हुईं हैं. ग्रामीणों ने एकमत से गांव की सरकार की बागडोर अब महिलाओं को सौंप दी. हालांकि सरपंच रमीला भूरिया लगातार चौथी बार निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं, लेकिन उनके साथ सभी 12 पंच के पदों पर आदिवासी महिलाओं को चुना जाना महिला सशक्तिकरण के लिए पुरुष प्रधान समाज की सकारात्मक पहल कही जा रही है.
इस प्रक्रिया में पुरुष प्रधान समाज की सकारात्मक भूमिका महत्वपूर्ण रही है. पुरुषों ने गांव की बेहतरी के लिए महिलाओं को जिम्मेदारी सौंप दी. प्रशासन भी ग्रामीणों के इस फैसले से खुश है. अधिकारी ग्रामीणों को बधाई दे रहे हैं. गांव की सरकार की जिम्मेदारी पुरुषों ने खुले मन से महिलाओं को देकर मिसाल कायम की है. शासन ने गांव के विकास के लिए 15 लाख रुपए की राशि भी देने की घोषणा की है.
सरपंच एवं पंच के सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों में से 10 महिलाएं निरक्षर हैं. केवल 4 महिलाएं ही अपने हस्ताक्षर कर पाती हैं. हस्ताक्षर करने वालों में सरपंच भी शामिल हैं. सभी का कहना है कि जो भरोसा गांव वालों ने उन पर किया है, उस पर वह खरी उतरेंगी. गांव का विकास कर खुद को साबित करेंगी.