सियासत के लिहाज़ से मध्यप्रदेश में बीता सप्ताह बेहद उथल-पुथल भरा रहा. बीजेपी ने जहां कांग्रेस के बड़े नेता और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के गढ़ से अपने अभियान की शुरुआत की तो वहीं जबलपुर के मेयर जगत बहादुर सिंह ने कांग्रेस का हाथ छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया. हरदा के जानलेवा हादसे ने भी एमपी की सियासत को इस सप्ताह खूब गरमाया.
एमपी बीजेपी ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों के तहत गांव चलो अभियान की शुरुआत कर दी है. इस अभियान की शुरुआत प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा ने दिग्विजय सिंह के गढ़ मानेजाने वाले राघौगढ़ से की. वीडी शर्मा राघौगढ़ के आवन गांव पहुंचे और यहां चार बूथों के त्रिदेव और बूथ समिति के सदस्यों के साथ बैठक की. इसके अलावा इन बूथों के पन्ना समितियों के साथ बैठकर वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण भी किया. बीजेपी के आउटरीच कार्यक्रम के तहत प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भाजपा सरकार की तरफ से चलाई जा रही योजनाओं के लाभार्थियों से भी मुलाकात की. घर-घर मुलाकात के साथ ही प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष ने आवन के संकट मोचन हनुमान मंदिर जाकर स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया और सुंदरकांड पाठ में शामिल हुए.
बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में 400 सीटों के लक्ष्य के साथ गांव चलो अभियान की शुरुआत की है, ताकि गांव की गलियों से दिल्ली की संसद के गलियारे तक का सफर भारी बहुमत के साथ पूरा हो. गांव चलो अभियान के तहत पार्टी के लाखों कार्यकर्ता और नेता देश के सभी गांवों में जाएंगे. इस दौरान नेता और कार्यकर्ता अलग-अलग गांवों में पूरा एक दिन और एक रात बिताएंगे और जनता के बीच बीजेपी सरकार की योजनाओं के साथ-साथ विचारधारा की जानकारी देंगे.
क्या कांग्रेस मुक्त एमपी है बीजेपी का लक्ष्य?
विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के झटके से कांग्रेस अभी उभरी भी नहीं थी कि जबलपुर मेयर के रूप में काम कर रहे उसके नेता जगत बहादुर सिंह ने भी पार्टी को अलविदा बोल दिया है. जगत बहादुर सिंह ने प्रदेश बीजेपी कार्यालय में मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता ले ली. साथ ही एक बार फिर से यह बात उठने लगी है कि क्या बीजेपी मध्यप्रदेश को वाकई कांग्रेस मुक्त करने के किसी खास मिशन पर लगी है, क्योकि साल 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस नेताओं के भाजपा में आने का जो सिलसिला शुरु हुआ था वो चार साल बाद भी जारी है. तब से लेकर अब तक कई बड़े चेहरों के साथ हज़ारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी की सदस्यता ले ली है. जगत बहादुर सिंह के भाजपा में आने के बाद सीएम मोहन यादव ने भी कहा कि बीजेपी का परिवार लगातार बड़ा होता जा रहा है. बड़े नेताओं से लेकर महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और हज़ारों कार्यकर्ता बीजेपी में शामिल हो रहे हैं जो इस बात का सबूत है कि पीएम मोदी का नेतृत्व लोगों को पसंद आ रहा है.
हरदा हादसे से दहला एमपी
बीता सप्ताह एमपी के हरदा में हुए जानलेवा ब्लास्ट के लिए भी याद रखा जाएगा. जिसमें 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी. मंगलवार को हुए इस हादसे को लेकर सरकार भले ही कार्रवाई कर रही हो लेकिन इतने बड़े हादसे के लिए कांग्रेस ने मोहन यादव सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए. साथ ही प्रदेश सरकार को इस हादसे का जिम्मेदार बताया है. हरदा पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट के मामले को लेकर विधानसभा में कांग्रेस विधायकों ने मामले की न्यायिक जांच और पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए की राहत राशि की मांग को लेकर हंगामा किया और इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जवाब से असंतुष्ट होकर वॉक-आउट भी कर दिया. हरदा से कांग्रेस विधायक राम किशोर तो एक कदम और आगे बढ़ गए. वह नकली सुतली बमों से बनी माला गले में पहनकर विधानसभा पहुंच गए. हरदा कांग्रेस विधायक राम किशोर दोगने का आरोप था कि सरकार ठोस कार्रवाई नहीं कर रही. उन्होंने कहा कि हरदा के सभी अधिकारी इस ब्लास्ट के लिए दोषी हैं और उन सभी पर कार्रवाई होनी चाहिए. कांग्रेस विधायक ने जांच समिति में कांग्रेस विधायकों को भी शामिल करने की मांग की.
लोकसभा प्रत्याशियों पर कांग्रेस का मंथन
इसी सप्ताह दिल्ली में कांग्रेस ने मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों के नाम को लेकर मंथन किया. स्क्रीनिंग कमेटी की इस बैठक में अध्यक्षा रजनी पाटिल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मौजूद रहे. इस बैठक में एमपी की सभी 29 लोकसभा सीटों के संभावित प्रत्याशियों के नाम पर चर्चा हुई. अब बुधवार को एक बार फिर स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक संभावित है, जिसके बाद सभी नाम केंद्रीय चुनाव समिति को भेज दिए जाएंगे.