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अडानी मुद्दे पर कांग्रेस को अपने खिलाफ आंदोलन बर्दाश्‍त नहीं, KTR को क्‍यों लिया गया हिरासत में? | Opinion

अडानी का मुद्दा, जैसे राहुल गांधी दिल्ली में बीजेपी के खिलाफ उठा रहे हैं, ठीक वैसी ही मुहिम कांग्रेस के खिलाफ बीआरएस नेता केटी रामा राव तेलंगाना में चला रहे हैं - और कांग्रेस से एक ही मुद्दे पर डबल स्टैंड अपनाने पर जवाब मांग रहे हैं.

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अडानी के मुद्दे पर कांग्रेस के डबल स्टैंडर्ड के खिलाफ तेलंगाना में बीआरएस नेता केटी रामाराव वैसे ही मुहिम चला रहे हैं, जैसे दिल्ली में राहुल गांधी बीजेपी के खिलाफ.
अडानी के मुद्दे पर कांग्रेस के डबल स्टैंडर्ड के खिलाफ तेलंगाना में बीआरएस नेता केटी रामाराव वैसे ही मुहिम चला रहे हैं, जैसे दिल्ली में राहुल गांधी बीजेपी के खिलाफ.

अडानी के मुद्दे पर दिल्ली और हैदराबाद में एक साथ प्रोटेस्ट चल रहा है. दिल्ली में बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन चल रहा है, और कांग्रेस के खिलाफ तेलंगाना में बीआरएस खड़ी हो गई है. 

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दिल्ली कांग्रेस के सांसद संसद परिसर में अडानी के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे हैं, तो हैदराबाद में तेलंगाना विधानसभा पर बीआरएस के विधायक विरोध जता रहे हैं - और बीआरएस नेता केटी रामा राव कांग्रेस से डबल स्टैंडर्ड अपनाने को लेकर सवाल पूछ रहे हैं. 

विरोध प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ कोई कार्रवाई तो नहीं हुई है, लेकिन केटी रामा राव को बीआरएस विधायकों सहित तेलंगाना पुलिस हिरासत में ले लेती है. 

अडानी के मुद्दे पर तेलंगाना में विरोध क्यों

जाने माने कारोबारी गौतम अडानी का नाम लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को करीब 10 साल से टार्गेट कर रहे हैं. 'सूट-बूट की सरकार' के स्लोगन से शुरू हुआ राहुल गांधी का विरोध अब गौतम अडानी के कारोबार की जांच के लिए गिरफ्तारी पर आ चुका है - और शीतकालीन सत्र के दौरान संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन का हर रोज नया अंदाज देखने को मिल रहा है. 

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और बिल्कुल वैसे ही तेलंगाना विधानसभा के बाहर भी हंगामा देखने को मिला. बीआरएस यानी भारत राष्ट्र समिति के एमएलए और एमएलसी 'अडानी-रेवंत भाई भाई' लिखी टी-शर्ट पहनकर विधानसभा पहुंचे थे. बीआरएस नेता केटी रामा राव के नेतृत्व में पहुंचे विधायकों को पुलिस ने विधानसभा के बाहर ही रोक लिया. अपने पिता केसीआर की तरह केटीआर के नाम से मशहूर केटी रामाराव और पुलिसवालों के बीच तीखी बहस हुई, और उसके बाद प्रदर्शन कर रहे सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया. प्रदर्शनकारियों में केटीआर की बहन एमएलसी के. कविता भी थीं. 

पुलिस हिरासत में जाने के बाद केटीआर ने फेसबुक पर एक पोस्ट में बताया कि कांग्रेस और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ बीआरएस की मुहिम जारी रहेगी. केटीआर ने लिखा, अडानी से तुम्हारे अवैध संबंधों को सार्वजनिक क्षेत्र में लाते रहेंगे... जैसे तुमने अवैध गिरफ्तारी से हमारा गला घोंटने की कोशिश की है.

तेलंगाना में कांग्रेस सरकार को करीब एक साल हो रहे हैं. रेवंत रेड्डी 2023 के आखिर में चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री बने थे. उनसे पहले और तेलंगाना के गठन के बाद से ही के. चंद्रशेखर राव की तेलंगाना राष्ट्र समिति की सरकार थी, जिसे नाम बदल कर भारत राष्ट्र समिति कर दिया गया है. 

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जब राहुल गांधी से सवाल पूछा जाने लगा कि कांग्रेस शासित राज्यों में भी अडानी के बड़े प्रोजेक्ट हैं, और तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने भी यंग इंडिया स्किल यूनिवर्सिटी के नाम पर अडानी ग्रुप से 100 करोड़ रुपये की मदद ली है. तब तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का बयान आया कि उनकी सरकार अडानी ग्रुप की तरफ से यंग इंडिया स्किल यूनिवर्सिटी के लिए ऑफर किये गये 100 करोड़ रुपये के फंड लौटा दिये जाएंगे. 

अडानी के मुद्दे कांग्रेस का डबल स्टैंडर्ड क्यों

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर यानी केटी रामा राव ने राहुल गांधी को निशाना बनाते हुए कहा है कि अडानी के मुद्दे पर कांग्रेस के डबल स्टैंडर्ड का पर्दाफाश करने की जरूरत है. कहते हैं, एक तरफ संसद में राहुल गांधी टी-शर्ट पहनकर कहते हैं कि अडानी और पीएम एक हैं, लेकिन सच्चाई ये है कि अडानी और रेवंत रेड्डी सबसे अच्छे दोस्त हैं. 

केटीआर ने ये भी सवाल उठाया है कि विधानसभा में भी बीआरएस कांग्रेस को बेनकाब करती रहेगी. बीआरएस नेता का सवाल है, अगर राहुल गांधी को संसद में जाने की इजाजत मिल सकती है, तो हमें विधानसभा में रोकना ठीक नहीं है.

केटीआर का राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन रेवंत रेड्डी की पुलिस के एक्शन ने तेलंगाना चुनाव कैंपेन में राहुल गांधी के केसीआर पर परिवारवाद की राजनीति का आरोप लगाये जाने की याद दिला दी है.

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